मुंबई, 29 जनवरी (हि.स.)। राज्य सरकार की ओर से आश्वासन दिए जाने के बाद गुरुवार को किसानों का लॉन्ग मार्च स्थगित कर दिया गया है। हालांकि किसान नेता जेपी गावित ने कहा है कि अगर तीन महीने के अंदर किसानों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो फिर से मार्च शुरु किया जाएगा।

महाराष्ट्र के किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर लॉन्ग मार्च नासिक से मुंबई की ओर आ रहा था। गुरुवार को नासिक के जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने शाहपुर-भातसा फाटा इलाके में मार्च करने वाले किसानों से मुलाकात की। इस मौके पर जिलाधिकारी ने उनकी मांगों को लेकर सरकार लेवल पर हुई बातचीत की जानकारी दी। इसके बाद किसानों ने जिलाधिकारी की ओर से दिए गए सरकार के आश्वासन को मान लिया है और लॉन्ग मार्च स्थगित कर दिया है।

किसान नेता जेपी गावित ने कहा कि सरकार ने सभी मांगों पर साकारात्मक फैसला लिया है और इसे लागू करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया है। इस भरोसे के बाद लॉन्ग मार्च टालने का फैसला किया गया।
जेपी गावित ने चेतावनी दी है कि अगर तय समय में मांगें पूरी नहीं हुईं तो फिर से मार्च शुरू किया जाएगा। मार्च फिलहाल रोक दिया गया है और सभी मार्च करने वाले किसान अपने-अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं। प्रशासन ने मार्च करने वालों के लिए बसों का इंतजाम किया था और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
गावित ने बताया कि वेस्ट चैनल नदियों की सहायक नदियों पर डैम बनाए जाने और खानदेश और मराठवाड़ा में स्थानीय किसानों के साथ-साथ खेती, इंडस्ट्री और इंडस्ट्रियल एस्टेट को पानी देने की मांग की गई थी। उन्होंने कहा कि अधूरे और गाद वाले डैम तुरंत पूरे किए जाने चाहिए। फॉरेस्ट राइट्स एक्ट 2006 के तहत आदिवासियों की दस एकड़ ज़मीन तुरंत लाभार्थियों को दी जानी चाहिए। अलग-अलग सातबारा तैयार करके पति-पत्नी के नाम रहने वालों के तौर पर दर्ज किए जाने चाहिए। जंगल के प्लॉट होल्डर्स को मिली जमीन पर कुआं, जमीन समतल करना, बाग लगाना, सोलर, मोटर समेत केंद्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं का फ़ायदा दिया जाए। पेंडिंग फॉरेस्ट प्लॉट के मामलों को तुरंत निपटाया जाए। किसानों की सभी फसलों का गारंटीड दाम दिया जाए। आदिवासी विकास विभाग की तरफ से दो हेक्टेयर तक धान की फसल के लिए दिए जाने वाले 40 हजार रुपये के बोनस की तरह ही फॉरेस्ट लीज होल्डर्स को भी बोनस दिया जाना चाहिए। कृडि सेक्टर में अलग-अलग डिपार्टमेंट में नौकरियों की भर्ती तुरंत पूरी की जानी चाहिए। सरकारी आश्रम स्कूल, हॉस्टल और जिला परिषद स्कूलों में टीचर और स्टाफ की भर्ती करके ग्रामीण स्टूडेंट्स की पढ़ाई का नुकसान रोका जाना चाहिए । किसानों को 24 घंटे बिजली सप्लाई दी जानी चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव
