प्रयागराज, 29 जनवरी, (हि.स)। राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने उच्चतम न्यायालय द्वारा यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 पर रोक लगाये जाने का स्वागत किया है। जिसमें यू.जी.सी. के नये नियमों (इक्विटी रेगुलेशन 2026) पर रोक लगा दी है और कहा है कि विशेषज्ञों की एवं स्कॉलर्स की एक समिति बने, और तब तक यू.जी.सी. के पुराने नियम ही लागू रहेंगे।

प्रमोद तिवारी ने कहा कि भाजपा सरकार अंग्रेजी हुकूमत की तरह काम कर रही है, कि ‘बांटों और राज करो’। उसी तरह भाजपा सरकार जाति, धर्म, वर्ग और क्षेत्र के नाम पर लोगों को बांटकर राज कर रही है। इसके डीएनए में अंग्रेजों का ‘जहर’ चला गया है, इसीलिये पिछले लगभग 11 सालों से मोदी सरकार जाति और धर्म के नाम पर लोगों में नफरत फैला रही है। संविधान की शपथ लेकर संविधान की हत्या कर रही है, जिससे लोग जाति, धर्म और वर्ग के नाम पर बंट जायें और देश की महान जनता का ध्यान, महंगाई, बेरोजगारी, डीजल-पेट्रोल, और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को भूल जाय।

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय केन्द्र सरकार के चेहरे पर एक ‘झन्नाटेदार तमाचा’ है। मोदी जी को पूरे राष्ट्र से क्षमा मांगनी चाहिए कि उनकी गलत नीतियों के कारण लोगों में वर्ग संघर्ष फैल गया है। तिवारी ने कहा कि भाजपा सरकार सिद्धान्त को पूरी तरह भूल गयी है। सरकार का काम है कि जहां अशांति हो वहां शांति पैदा करे। किन्तु ये जाति, धर्म और वर्ग के नाम पर लोगों में आग लगाने का काम कर रहे हैं जिससे लोगों का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटक जाय। भाजपा सरकार न देश की हितैषी है, न ही देशवासियों की। भाजपा सरकार सत्ता की लालच में किसी भी हद तक गिर सकती है। सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय से शांति का मार्ग प्रशस्त होगा।
इस अवसर पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष फुजैल हाशमी, पूर्व विधायक विजय प्रकाश, सुधाकर तिवारी, मुकुंद तिवारी, किशोर वार्ष्णेय, हरिकेश त्रिपाठी, संजय तिवारी, हसीब अहमद, राकेश पटेल, राजेश यादव, अनूप त्रिपाठी, राम मनोरथ सरोज, मानस शुक्ला आदि ने फैसले का स्वागत किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र
