मंडी, 29 जनवरी (हि.स.)। आईआईटी मंडी जो देश के अग्रणी आईआईटी संस्थानों में से एक है, ने जेके संगठन के अंतर्गत आईएसओ 9001 प्रमाणित कंपनी जेके डेलॉप्ट के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहयोग के माध्यम से आईआईटी मंडी और जेके डेलॉप्ट अनुसंधान, नवाचार तथा उन्नत प्रौद्योगिकियों को वास्तविक उपयोग योग्य समाधानों में रूपांतरित करने की दिशा में संयुक्त रूप से कार्य करेंगे।

आईआईटी मंडी की अनुसंधान उत्कृष्टता और जेके डेलॉप्ट की औद्योगिक एवं विनिर्माण क्षमताएं एक साथ मिलकर अगली पीढ़ी की स्वदेशी प्रौद्योगिकियों का विकास करेंगी। इस साझेदारी का उद्देश्य राष्ट्रीय रक्षा तैयारियों को सुदृढ़ करना, रणनीतिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना तथा प्रौद्योगिकीय नवाचारों को नागरिक क्षेत्रों तक विस्तारित करना है, जिससे भारत को बुद्धिमान, सुरक्षित और स्वदेशी समाधानों के वैश्विक अग्रणी के रूप में स्थापित किया जा सके। इसके साथ ही, यह समझौता ज्ञापन मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकास पर केंद्रित दीर्घकालिक उद्योग–शिक्षा साझेदारी स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर टिप्पणी करते हुए आईआईटी मंडी के निदेशक प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा, कि आईआईटी मंडी महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में स्वदेशीकरण और राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता के प्रति दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। जेके डेलॉप्ट के साथ यह सहयोग रक्षा और खुदरा अनुप्रयोगों के लिए एम्बेडेड सिस्टम और इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स के क्षेत्र में भारत की क्षमताओं को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस प्रकार की शिक्षा–उद्योग साझेदारियां अत्याधुनिक अनुसंधान को स्वदेशी और उपयोग योग्य समाधानों में परिवर्तित करने की आईआईटी मंडी की परिकल्पना का केंद्रीय आधार हैं।
समझौता ज्ञापन पर औपचारिक रूप से आईआईटी मंडी के प्रायोजित अनुसंधान एवं औद्योगिक परामर्श के अधिष्ठाता तथा जेके डेलॉप्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा हस्ताक्षर किए गए और इसका आदान-प्रदान किया गया। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक, कुलसचिव, वरिष्ठ संकाय सदस्य तथा दोनों संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान जेके डेलॉप्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को आईआईटी मंडी के निदेशक द्वारा स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकास में कंपनी के योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया। इस समझौता ज्ञापन के अंतर्गत दोनों संस्थान इलेक्ट्रो-ऑप्टिक प्रणालियों, एम्बेडेड प्लेटफॉर्म, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एकीकृत विज़न प्रणालियों तथा बुद्धिमान निगरानी समाधानों जैसे क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं, प्रौद्योगिकी प्रदर्शन तथा प्रोटोटाइप विकास पर सहयोग करेंगे। इसके अतिरिक्त, यह साझेदारी छात्र इंटर्नशिप, उद्योग अनुभव, विशेषज्ञ व्याख्यान तथा शोधार्थियों के संयुक्त मार्गदर्शन की भी परिकल्पना करती है, जिससे कौशल विकास और उद्योग के लिए तैयार मानव संसाधन को बढ़ावा मिलेगा।
यह सहयोग आईआईटी मंडी के विज़ुअल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग समूह से विशेष मजबूती प्राप्त करता है, जिसका नेतृत्व डॉ. दिनेश सिंह कर रहे हैं। इस समूह का अनुसंधान कंप्यूटर विज़न, मल्टीमॉडल कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा दृष्टि-आधारित परसेप्शन प्रणालियों पर केंद्रित है। वर्तमान अनुसंधान कार्यों में मानवरहित हवाई यान आधारित रक्षा अनुप्रयोग, निगरानी और टोही प्रणालियाँ, दुर्घटना पूर्वानुमान मॉडल, फॉरेंसिक विज़न प्रौद्योगिकियां तथा वास्तविक समय निगरानी समाधान शामिल हैं, जिनके साथ-साथ स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी व्यापक अनुप्रयोग किए जा रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा
