हुगली, 29 जनवरी (हि. स.)। सिंगूर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सभा के दौरान स्कूल समय में छात्रों को कार्यक्रम में ले जाने के आरोप को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इस मुद्दे पर अभिभावकों में पहले ही नाराज़गी देखी गई थी, अब गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सड़कों पर उतर आई।

चुचुड़ा के पिपुलपाती शिक्षा भवन के सामने भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू किया, जिससे पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। बाद में चुचुड़ा थाने से पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया।

प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिला शिक्षा निरीक्षक (डीआई) भवन के गेट पर ‘शिक्षा भवन’ की जगह ‘तृणमूल भवन’ लिखा हुआ एक प्लैकार्ड चिपका दिया। हालात उस समय और बिगड़ गए, जब प्रदर्शनकारियों को गेट पर रोके जाने के बाद उन्होंने जबरन भवन के भीतर घुसने की कोशिश की। कुछ देर के लिए गेट तोड़ने जैसी स्थिति भी बन गई।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सिंगूर के इंद्रखाली मैदान में कार्यक्रम था। उस सभा की पहली पंक्ति में कई स्कूलों के छात्र-छात्राएं नजर आए थे, जिनके हाथों में सरकारी योजनाओं से जुड़े प्लैकार्ड थे। इसी बीच पुरशुड़ा के विधायक विमान घोष ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें नालिकुल देशबंधु बाणी मंदिर स्कूल के छात्रों को लाइन में मुख्यमंत्री की सभा में जाते हुए देखा गया। इस घटना को स्कूल के प्रधानाध्यापक गदाधर बरुई ने भी स्वीकार किया है।
प्रदर्शन के दौरान एक भाजपा कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने कहा कि 28 जनवरी को स्कूल चलने के बावजूद छात्रों को बिना अभिभावकों की अनुमति मुख्यमंत्री की सभा में ले जाया गया, जो बेहद शर्मनाक है।
वहीं, जिला शिक्षा निरीक्षक सत्यजीत मंडल ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों की बात सुनी है और यह एक विचारणीय विषय है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जानकारी वेस्ट बंगाल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन और अनुशासनिक प्राधिकरण को दी जाएगी, जो सभी पहलुओं की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय
