जयपुर, 29 जनवरी (हि.स.)। पशुपालन विभाग द्वारा राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत संभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन गुरुवार को आगरा रोड स्थित राजस्थान राज्य पशुधन प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान में किया गया। कार्यशाला में जयपुर संभाग के पशुपालकों ने भाग लिया जिसमें राष्ट्रीय पशुधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर सत्र आयोजित किए गए। कार्यशाला का उद्देश्य राष्ट्रीय पशुधन मिशन की विभिन्न योजनाओं, नवीन दिशा निर्देशों, तकनीकी नवाचारों तथा लाभार्थी केंद्रित कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी पशुपालकों को प्रदान करना था।

इस अवसर पर पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. सुरेश चंद मीना ने कहा कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन पशुपालकों की आय बढ़ाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ करने की दिशा में यह संभाग स्तरीय कार्यशाला एक महत्वपूर्ण पहल है। इस प्रकार की कार्यशालाएं पशुपालकों की आय में वृद्धि और पशुधन क्षेत्र के समग्र विकास में सहायक सिद्ध होंगी। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सही जानकारी, तकनीकी नवाचार तथा विभागीय दिशानिर्देश जमीनी स्तर तक पहुंचाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि सही जानकारी सही समय पर पशुपालक तक पहुंच जाए तो उसका सीधा लाभ पशुओं के स्वास्थ्य, उत्पादन और आय में बढ़ोतरी के रूप में मिलता है। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वे विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका अधिकतम लाभ उठाएं तथा वैज्ञानिक विधि से पशुपालन अपनाकर उत्पादन लागत कम करें और अपनी आमदनी बढ़ाएं।

विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. प्रवीण कुमार सेन ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय पशुधन मिशन के विषय में सभी को संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराना है जिससे फील्ड के लोगों तक भी यह जानकारी पहुंचे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत भेड़- बकरी पालन, कुक्कुट पालन तथा अन्य नस्ल सुधार से संबंधित विभिन्न योजनाओं में अनुदान और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
विभाग के उप निदेशक तथा योजना प्रभारी डॉ. बी. एम. गोयल ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कार्यशाला की रूपरेखा पर विस्तृत प्रकाश डाला। कार्यशाला में तकनीकी सत्रों के दौरान डॉ. लेनिन, डॉ. सीमा मिड्ढा तथा डॉ. दीपक आसीवाल ने अपने अपने विषय पर पशुपालकों से चर्चा की और उन्हें जानकारी उपलब्ध कराई। कार्यशाला में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एजीएम संदीप कुमार ने भी विचार व्यक्त किए।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना भारत सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य पशुधन क्षेत्र (जैसे पोल्ट्री, भेड़, बकरी, सूअर) के सतत विकास के माध्यम से किसानों और पशुपालकों की आय और जीवन स्तर में सुधार करना है, जिसमें उद्यमिता विकास, नस्ल सुधार, चारा और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना और बाजार तक पहुंच बढ़ाना शामिल है, जिसके लिए अनुदान और प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल
