
सुलतानपुर, 29 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर में गुरुवार को तिकोनिया पार्क में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। महिला आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष नीलम श्रीवास्तव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपनी आवाज बुलंद की।

श्रीमती श्रीवास्तव ने बताया कि यह धरना संयुक्त मोर्चा संघ के बैनर तले आयोजित किया गया है। उन्होंने विभाग में कार्यरत रहते हुए कार्यकर्ताओं की पीड़ा व्यक्त की, जिसे उन्होंने शब्दों में व्यक्त न कर पाने जितना गहरा बताया।

श्रीमती श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग सहित कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्य करती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उनका काम सरकारी कर्मचारियों जैसा है, तो उन्हें ‘राज कर्मचारी’ का दर्जा क्यों नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि 5 जी के दौर में उनसे मोबाइल पर सभी डेटा मांगे जाते हैं, लेकिन उन्हें काम के लिए उच्च गुणवत्ता वाले 5 जी मोबाइल उपलब्ध नहीं कराए जाते। उन्होंने बिना संसाधनों के काम के दबाव को अस्वीकार्य बताया।
50 वर्ष से अधिक आयु की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मुख्य सेविका (सुपरवाइजर) के पद पर पदोन्नत न करने के फैसले पर भी उन्होंने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने पूछा कि 25-30 साल विभाग को सेवा देने के बाद उन्हें पदोन्नति से वंचित क्यों रखा जा रहा है।
नीलम श्रीवास्तव ने चेतावनी दी कि यदि 2027 के चुनाव से पहले सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए, तो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सरकार को सत्ता से हटाने में पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने कहा कि आज का यह एक दिवसीय धरना केवल एक शुरुआत है, और जरूरत पड़ने पर पूरा संगठन सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करेगा।
फिलहाल, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को अपना मांग पत्र सौंप दिया है। अब देखना यह होगा कि सरकार इन ‘जमीनी योद्धाओं’ की मांगों पर ध्यान देती है या यह आक्रोश आने वाले चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / दयाशंकर गुप्त
