

झाबुआ, 29 जनवरी (हि.स.)। कड़कनाथ झाबुआ जिले की पहचान है तथा एक जिला एक उत्पाद योजना के माध्यम से इसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की व्यापक संभावनाएं हैं। यह बात मध्य प्रदेश के जनजातीय बाहुल्य झाबुआ के दौरे पर आए इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने गुरुवार को शासकीय कड़कनाथ कुक्कुट फार्म, झाबुआ के निरीक्षण के दौरान कही।

संभागायुक्त ने कहा कि कड़कनाथ एक जिला एक उत्पाद योजना के अंतर्गत झाबुआ जिले का चयनित एवं विशिष्ट उत्पाद है, ओर इसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने अधिकारियों से कड़कनाथ उत्पादन की वर्तमान स्थिति, क्षमता, भविष्य की संभावनाओं एवं विपणन व्यवस्था के संबंध में विस्तार से चर्चा करते हुए निर्देश दिए कि कड़कनाथ मुर्गी पालन में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की दीदियों को भी शामिल किया जाए, जिससे महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हों और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो। डॉ खाड़े ने कहा कि प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग एवं बाजार से जोड़कर कड़कनाथ पालन को एक सफल आजीविका मॉडल के रूप में विकसित किया जा सकता है।

निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त द्वारा फार्म में संचालित कड़कनाथ अंडा हेचरी, हेचरी मशीन, चूजों के बाड़े एवं मुर्गों के बाड़े का गहन अवलोकन किया गया। उन्होंने हेचरी मशीन की कार्यप्रणाली, अंडों से चूजों के उत्पादन प्रक्रिया, तापमान एवं स्वच्छता व्यवस्था, चूजों की देखभाल तथा कड़कनाथ मुर्गियों के पालन एवं स्वास्थ्य प्रबंधन की विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए कड़कनाथ मुर्गियों के पालन, पोषण, स्वास्थ्य परीक्षण एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया, साथ ही कड़कनाथ उत्पादन की वर्तमान स्थिति, क्षमता, भविष्य की संभावनाओं एवं विपणन व्यवस्था के संबंध में विस्तार से चर्चा की।
संभागायुक्त के निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर नेहा मीना, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जितेन्द्रसिंह चौहान, अपर कलेक्टर सी एस सोलंकी, सहायक कलेक्टर आशीष कुमार, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व झाबुआ, भास्कर गाचले, उप संचालक पशुपालन विभाग डॉ. ए एस दिवाकर एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. उमेश चंद्र शर्मा
