रायपुर, 30 जनवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर आसूचना महानिदेशालय (डीजीजीआई) रायपुर जोनल यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कर चोरी के आरोप में विजय लक्ष्मी ट्रेड कंपनी के संचालक को गिरफ्तार किया है।

आरोपित अपने बेटे के नाम पर पंजीकृत फर्म का संचालन कर रहा था। डीजीजीआई ने 14 करोड़ की जीएसटी चोरी की कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार कर आज शुक्रवार को जेल भेज दिया है।
जांच में सामने आया है कि इस मामले में फर्जी इनवॉइस का मूल्य लगभग 80 करोड़ रुपये है और कर चोरी की राशि 14 करोड़ रुपये है। आरोपित द्वारा बिना किसी माल या सेवा की वास्तविक आपूर्ति किए फर्जी इनवॉइस के माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ उठाते हुए पाया गया, जिससे सरकारी खजाने को काफी नुकसान हुआ।
विश्वसनीय खुफिया जानकारी और डेटा एनालिटिक्स के आधार पर माल एवं सेवा कर आसूचना महानिदेशालय (डीजीजीआई) रायपुर जोनल यूनिट के समस्त अधिकारियों ने एक विस्तृत जांच की, जिसमें आपूर्तिकर्ताओं के बैंक स्टेटमेंट और करदाता के ई-वे बिल डेटा और अन्य वित्तीय लेनदेन की जांच करने के बाद, यह निष्कर्ष निकाला गया कि आरोपित फर्जी इनवॉइस के आधार पर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाने में लिप्त था।
पर्याप्त सबूत इकट्ठा करने के बाद, चूंकि इनपुट टैक्स क्रेडिट की राशि पांच करोड़ से अधिक हैं, इसलिए आरोपित को सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 69 के प्रावधानों के तहत अधिनियम की धारा 132 के तहत दंडनीय अपराध करने के लिए गिरफ्तार किया गया। आरोपित संतोष वाधवानी को रायपुर जिला न्यायालय में पेश कर 30 जनवरी की शाम को रायपुर की सेंट्रल जेल ले जाया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्र नारायण शुक्ल
