बरेली, 30 जनवरी (हि.स.) । बारादरी थाना क्षेत्र के हरूनगला में शुक्रवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक स्कूल की छत पर बने किराये के कमरे में ई-रिक्शा चालक का शव मिलने की सूचना पुलिस को दी गई। शुरुआत में मामला आत्महत्या का बताया गया, लेकिन पुलिस जांच में यह बीमारी से हुई मौत निकली।

बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने बताया कि शुक्रवार दोपहर यूपी 112 पर सूचना मिली थी कि महेश नाथ हॉस्पिटल के पीछे स्थित एक स्कूल के तीसरे तल पर बने कमरे में एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली है। सूचना पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
मृतक की पहचान 36 वर्षीय नेमचंद जाटव के रूप में हुई, जो ई-रिक्शा चालक थे। कमरे में उनकी पत्नी और तीन बच्चे मौजूद थे। जांच के दौरान आत्महत्या से जुड़े कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले। परिजनों ने पुलिस को बताया कि नेमचंद मूल रूप से बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के उड़ला गौटिया गांव के रहने वाले थे और रोजी-रोटी के लिए हरूनगला में किराये पर रह रहे थे।
परिजनों के अनुसार नेमचंद लंबे समय से बीमार थे। उनके लिवर में संक्रमण था, जिसका ऑपरेशन भी कराया गया था। पिछले करीब दस दिनों से उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि फील्ड यूनिट को बुलाकर जांच कराई गई है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / देश दीपक गंगवार
