गुवाहाटी, 31 जनवरी (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने शनिवार को कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि न तो लोकसभा सांसद गौरव गोगोई और न ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी उन्हें डरा सकते हैं, भले ही वे “हज़ारों की संख्या में” क्यों न आ जाएं।

मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी “मियां” शब्द को लेकर अत्यधिक आसक्त हो चुकी है और असमिया लोगों की पहचान व हितों से जुड़े मुद्दों की अनदेखी कर रही है। सरमा ने कहा कि कांग्रेस ने असम के भविष्य से जुड़े विमर्श को अवैध घुसपैठ के कथित बचाव तक सीमित कर दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस समुदाय के आधार पर अलग-अलग रुख अपनाती है। सरमा के अनुसार, “यदि कोई मियां के खिलाफ बोलता है तो कांग्रेस तुरंत प्रतिक्रिया देती है, लेकिन अगर कोई असमिया के खिलाफ बोले तो पार्टी चुप रहती है।” मुख्यमंत्री ने दोहराया कि असम के राजनीतिक संदर्भ में “मियां” शब्द का इस्तेमाल राज्य में जमीन पर कब्जा करने वाले अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के लिए किया जाता है और भाजपा ऐसे घुसपैठियों को बाहर निकालने के लिए पूरी ताकत से अभियान चलाएगी।
अपने बयान को और आक्रामक बनाते हुए डॉ. सरमा ने कहा कि भाजपा आज राज्य के स्वदेशी लोगों के जीवन और अस्तित्व के बीच खड़ी है। उन्होंने कहा, “हज़ार गौरव गोगोई या राहुल गांधी भी आ जाएं, वे मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते।” मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को सभ्यतागत और अस्तित्व की लड़ाई बताते हुए अपनी सरकार को असम के स्वदेशी समुदायों का रक्षक बताया।
मुख्यमंत्री ने सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर द्वारा उनके खिलाफ कथित घृणास्पद भाषण को लेकर दर्ज कराई गई शिकायत पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। सरमा ने शिकायत को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में “कई हर्ष मंदर” देखे हैं और आरोप लगाया कि मंदर ने असम में अपने कार्यकाल के दौरान एनआरसी को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास मंदर के खिलाफ कई मामलों में कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त सामग्री है।
इन बयानों के बाद असम की राजनीति में ध्रुवीकरण और तेज हो गया है। अवैध घुसपैठ, पहचान, एनआरसी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर बहस तेज होती जा रही है, खासकर 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले। जहां कांग्रेस और नागरिक अधिकार समूह मुख्यमंत्री की भाषा को विभाजनकारी बता रहे हैं, वहीं भाजपा इसे असम के स्वदेशी लोगों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम के रूप में पेश कर रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश
