लखनऊ, 31 जनवरी (हि.स.)। मनरेगा के कार्यों की जांच के लिए पूर्व में ही मनरेगा लोकपाल जिलों में तैनात किये गये हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के लाभार्थियों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है । अब मनरेगा के तहत नियुक्त लोकपाल को इस योजना की शिकायतों को सुनने और उनका निवारण करने की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह जानकारी शनिवार काे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि विकास कार्यों के क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता रखी जाय और निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप व गुणवत्ता से परिपूर्ण होने चाहिए, इसके लिए जरूरी है कि अधिकारी विकास कार्यों की लगातार गहन समीक्षा व अनुश्रवण तो करें ही, फील्ड पर भी सख्त निगरानी रखी जाय। उत्तर प्रदेश के आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग जीएस प्रियदर्शी ने राज्य के सभी मुख्य विकास अधिकारियों को भारत सरकार के निर्देशानुसार इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं । लोकपाल को शिकायत प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर निराकरण करना होगा । लोकपालों को PMAY-G के दिशा-निर्देशों के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा, साथ ही लाभार्थियों के बीच प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि उन्हें इस नए शिकायत निवारण मंच की जानकारी मिल सके ।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन
