कोलकाता, 01 फ़रवरी (हि. स.)। रविवार सुबह केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आगामी वित्त वर्ष के लिए आम बजट पेश किया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बजट को ‘हंप्टी डंप्टी बजट’ करार देते हुए कहा कि लंबे बजट भाषण के बावजूद बंगाल के लिए कुछ भी ठोस घोषित नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जानती है कि उसे बंगाल से वोट नहीं मिलने वाले, इसलिए राज्य के साथ इस तरह का भेदभाव किया जा रहा है।

सोमवार को बंगाल में चल रहे एसआईआर मुद्दे को लेकर ममता बनर्जी का चुनाव आयोग जाने का कार्यक्रम है। वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात करेंगी। इसी सिलसिले में रविवार को दिल्ली रवाना होने से पहले कोलकाता एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्रीय बजट को ‘गार्बेज ऑफ लाइ’, दिशाहीन और विज़नलेस बजट बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट पूरी तरह गरीब विरोधी, महिला विरोधी और किसान विरोधी है। उनके अनुसार, इसमें आम लोगों के हित में कोई स्पष्ट दिशा नहीं है। सिर्फ घोषणाओं की झड़ी लगाई गई है, लेकिन इसका असर आम जनता के जीवन पर नहीं पड़ेगा। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि बंगाल के लगभग दो लाख करोड़ रुपये केंद्र पर बकाया हैं, लेकिन बजट में इस पर कोई उल्लेख नहीं किया गया।
बजट के बाद शेयर बाजार में आई गिरावट का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। बजट पेश होते ही सेंसेक्स में लगभग 1000 अंकों की गिरावट और निफ्टी में कमजोरी इस बात का सबूत है कि बाजार का सरकार पर भरोसा नहीं रहा।
सिर्फ मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी बजट की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस बजट में बंगाल के लिए कोई आवंटन या नई योजना नहीं लाई गई है। किसानों, मजदूरों, अनुसूचित वर्गों और युवाओं के रोजगार के लिए भी कुछ नहीं है।
अभिषेक बनर्जी ने बजट को “नई बोतल में पुरानी शराब” बताते हुए कहा कि 85 मिनट के भाषण में सिर्फ पुरानी बातों को दोहराया गया है।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय
