पूर्व मेदिनीपुर, 01 फरवरी (हि. स.)। जिले के पांशकुड़ा इलाके में डायन (जादू-टोना) के संदेह को लेकर एक आदिवासी परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों ने एक बीमार किशोरी की स्थिति के लिए इस परिवार को जिम्मेदार ठहराते हुए कथित तौर पर ‘कंगारू कोर्ट’ (पंचायत) बुलाई और उन पर तंत्र-मंत्र करने की बात कबूल करने का दबाव बनाया।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पांशकुड़ा ब्लॉक के गोविंद नगर ग्राम पंचायत अंतर्गत अलालपाड़ा गांव की 15 वर्षीय किशोरी लंबे समय से बीमार है।

परिजनों का दावा है कि वह अक्सर बहकी-बहकी बातें करती है। चिकित्सकों से इलाज कराने के बावजूद जब उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो परिजनों ने इसे जादू-टोने का प्रभाव मान लिया। इसी आधार पर गांव के एक आदिवासी परिवार पर संदेह जताया गया।
आरोप है कि गांव के कुछ लोग बीमार किशोरी के परिजनों को खड़गपुर ग्रामीण ब्लॉक के मुकसुदपुर स्थित एक तांत्रिक के पास ले गए। तांत्रिक ने दावा किया कि किशोरी पर ‘तुकताक’ यानी काला जादू किया गया है। इसके बाद शनिवार को गांव में एक पंचायत बैठाई गई, जहां कथित रूप से यह फैसला लिया गया कि यदि कथित जादू-टोना करने वाले परिवार को कुछ होता है, तो इसके लिए ग्रामीण जिम्मेदार नहीं होंगे।
पीड़ित परिवार इस पूरे घटनाक्रम से दहशत में है। परिवार की एक महिला सदस्य ने रोते हुए बताया कि उस पर, उसके पति और सास पर डायन होने का झूठा आरोप लगाया जा रहा है।
महिला का कहना है कि तांत्रिक ने कहा है कि यदि उन्होंने जादू किया है, तो तीन दिन के भीतर उनके हाथ-पांव गल जाएंगे। इस धमकी के बाद परिवार भय के साये में जीने को मजबूर है।
खौफजदा परिवार ने आदिवासी संगठन ‘भूमिज मुंडा कल्याण समिति’ से सुरक्षा की गुहार लगाई है। समिति की संपादिका आरती सिंह ने बताया कि डायन प्रथा एक गंभीर सामाजिक कुरीति और अंधविश्वास है। संगठन को शिकायत मिली है कि एक ही परिवार के तीन सदस्यों को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समिति जल्द गांव जाकर स्थिति का जायजा लेगी और आवश्यकता पड़ने पर विज्ञान मंच की मदद से ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा।
इधर, पांशकुड़ा थाने के प्रभारी (आईसी) राहुल देवनाथ ने बताया कि अभी तक इस संबंध में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन पुलिस ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
————–
हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता
