प्रयागराज, 01 फरवरी, (हि.स)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी, राज्य सभा सांसद तथा श्रीमती आराधना मिश्रा विधायक, कांग्रेस विधान मण्डल दल ने केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह ऐसा बजट है जो एक झुनझुने की तरह है जो दिखता तो है परन्तु बजता नहीं है। ‘‘मोदी सरकार’’ के कार्यकाल का यह सबसे निराशाजनक किसान विरोधी, बेरोजगार नाैजवान विरोधी, लघु एवं मध्यम उद्योग विरोधी तथा देश को निराश करने वाला बजट है और इसीलिए सेंसेक्स में 2300 शेयर की गिरावट आयी है।

नेता द्वय ने कहा है कि पिछले एक साल से पूंंजी निवेश रुका है और अब न तो विदेशी निवेश हो रहा है और न ही स्वदेशी। बजट के बाद उसमें और भी अधिक गिरावट आयेगी। मोदी सरकार द्वारा प्रस्तुत यह बजट भयंकर घाटे वाला बजट है। उन्होंने कहा है कि चालू वर्ष में ही राजस्व प्राप्तियां 78,086 करोड़ रु. और नेट टैक्स संग्रह 1,62,748 करोड़ रु. कम रहा, जो आर्थिक सुस्ती का साफ संकेत देता है। अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़े वर्ग सहित महत्वपूर्ण योजनाओं के बजट में बड़ी कटौती की गयी है। जैसे स्वास्थ्य में 3,686 करोड़ की कटौती, शिक्षा में 6,701 करोड़, समाज कल्याण में 9,999 करोड़, कृषि में 6,985 करोड़, ग्रामीण विकास में 53,067 करोड़, नगर विकास में 39,573 करोड़ प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदम योजना में 890 करोड़, जल जीवन मिशन में 50,000 करोड़, प्रधानमंत्री आवास योजना में 3200 करोड़ की कटौती, अनुसूचित जाति-जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के स्कालरशिप की धनराशि में कटौती, फसल बीमा योजना, यूरिया, एल.पी.जी. कनेक्शन, आर्मामेण्ट-आर्मर, एयरफोर्स प्रोजेक्ट, नेवल डाकयार्ड प्रोजेक्ट और रक्षा आधुनिकीकरण आदि के बजट में कटौती करने का अक्षम्य अपराध किया गया है। जब सबके बजट में कटौती ही की गयी है तो देश में विकसित कौन होगा ?

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिये कोई ठोस नई योजना या अतिरिक्त बजट का प्राविधान नहीं है, मात्र नारे ही नारे हैं, जमीन पर कुछ भी नहीं। वित्त मन्त्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जब बजट प्रस्तुत कर रही थी तो भारतीय जनता पार्टी के सांसदों के चेहरे पर निराशा और हताशा साफ झलक रही थी। वित्त मन्त्री के 9 बजट में यह सबसे खराब बजट है, आज देश निराश हुआ है।
हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र
