शिमला, 01 फ़रवरी (हि.स.)। राज्यसभा सांसद और भाजपा के प्रदेश महामंत्री डॉ. सिकंदर कुमार ने केंद्रीय बजट 2026-27 को देश के विकास और जन-कल्याण की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है बल्कि 140 करोड़ देशवासियों के आत्मविश्वास और भविष्य की उम्मीदों को मजबूत करता है। उनके अनुसार

यह बजट युवाओं के लिए अवसर, आम आदमी के लिए सुरक्षा और देश के लिए विकसित भारत की राह को गति देने वाला है।

डॉ. सिकंदर कुमार ने रविवार को कहा कि बजट में शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत ‘शिक्षा, रोजगार और उद्यम’ (EEE) स्थायी समिति का गठन किया गया है और शिक्षा के लिए 1.39 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि अब शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि युवाओं को ऐसे कौशल देना है, जिनकी बाजार में वास्तविक मांग है। इस पहल से सामान्य शिक्षा के बजाय सटीक और उपयोगी कौशल पर जोर दिया जाएगा। एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए एक लाख नए अवसर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े उत्कृष्टता केंद्र युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएंगे।
उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में नामांकन पर जोर था, जबकि मौजूदा सरकार रोजगार क्षमता पर ध्यान दे रही है। बजट में डिजिटल ग्रामीण क्रांति का भी प्रावधान किया गया है। इसके तहत हर माध्यमिक विद्यालय को भारतनेट ब्रॉडबैंड से जोड़ा जाएगा और किसानों के लिए आधुनिक डिजिटल और एआई आधारित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे गांव और शहर के बीच डिजिटल अंतर कम होगा और दूरदराज के इलाकों के बच्चों को भी बेहतर शैक्षणिक संसाधन मिल सकेंगे।
डॉ. सिकंदर कुमार ने बजट को मध्यम वर्ग के लिए राहत देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि टैक्स नियमों के सरलीकरण से करदाताओं को सहूलियत मिलेगी और लोगों के हाथ में अधिक पैसा बचेगा, जिससे खपत बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा कर प्रणाली पारदर्शी और डिजिटल बन चुकी है, जिससे ईमानदार करदाताओं का सम्मान बढ़ा है।
उन्होंने बताया कि बजट में ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ और एआई अनुसंधान के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे देश में उच्च तकनीक वाले क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और प्रतिभा पलायन पर रोक लगेगी। इसके साथ ही बजट में कई अहम घोषणाएं की गई हैं, जिनमें इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव न होना, संशोधित रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाना, सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर आयात शुल्क हटाना, आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना, मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा, टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए बड़ा निवेश, स्कूलों और कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब और हर जिले में लड़कियों के लिए हॉस्टल शामिल हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा
