– जिलाधिकारी और उद्यान अधिकारी ने एफपीओ का किया निरीक्षण, किसानों से किया संवाद

– कृषि विकास और महिला स्वावलंबन को नई दिशा देने की पहल करेगा उद्यान विभाग

– स्वयं सहायता समूह और एफपीओ मिलकर करें कार्य, मिलेगी राष्ट्रीय पहचान
मीरजापुर, 01 फ़रवरी (हि.स.)। जनपद में कृषि विकास और महिला स्वावलंबन को नई दिशा देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने रविवार को सीखड़ ब्लॉक स्थित नवचेतना किसान उत्पादक संगठन (नवचेतना एफपीओ) का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने जागृति स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) एवं नवचेतना एफपीओ के समन्वय से स्थापित आधुनिक दुग्ध आउटलेट का फीता काटकर उद्घाटन किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केंद्र पर स्थापित 5 मीट्रिक टन क्षमता वाले कोल्ड स्टोरेज का भी लोकार्पण किया। इस कोल्ड स्टोरेज के शुरू होने से क्षेत्रीय किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। विशेष रूप से टमाटर, मिर्च सहित अन्य जल्दी खराब होने वाली सब्जियों की भंडारण क्षमता बढ़ेगी, जिससे किसानों को अपनी उपज उचित समय पर बाजार में बेचने और बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी। जिलाधिकारी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जिला उद्यान अधिकारी (डीएचओ) मेवाराम के सहयोग से स्थापित यह कोल्ड स्टोरेज क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का बढ़ाया मनोबल
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वर्मी कम्पोस्ट (जैविक खाद) इकाई एवं कोल्ड स्टोरेज से जुड़े कार्यों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर मौजूद स्वयं सहायता समूह की दीदियों एवं प्रगतिशील किसानों से संवाद करते हुए कहा कि यदि एसएचजी और किसान संगठित होकर कार्य करें तो सीखड़ ब्लॉक के उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सकती है। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और उद्यमिता से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम, जिला कृषि अधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को आश्वस्त किया कि किसानों को तकनीकी सहयोग और सरकारी योजनाओं का लाभ निरंतर उपलब्ध कराया जा रहा है।
रुद्र बायोटेक में अधिकारियों ने जाना कॉर्डिसेप्स मशरूम उत्पादन का तरीका
जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार एवं उद्यान अधिकारी मेवाराम ने ग्राम मझवां तराश पोस्ट अदलपुरा चुनार स्थित रुद्र बायोटेक का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने यहां हो रहे कॉर्डिसेप्स मिलिटेरिस मशरूम के उत्पादन एवं प्रोसेसिंग कार्य की विस्तृत जानकारी ली। रुद्र बायोटेक के प्रोप्राइटर त्रिपुरारी सिंह पटेल ने अधिकारियों को कॉर्डिसेप्स मशरूम उत्पादन की पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से समझाई। उन्होंने बताया कि किस प्रकार सबसे पहले कल्चर (सीड) तैयार किया जाता है, फिर उससे लिक्विड कल्चर बनाया जाता है और उसके बाद लिक्विड कल्चर को ब्राउन राइस में डालकर उत्पादन की प्रक्रिया पूरी की जाती है। अधिकारियों को उत्पादन इकाई में मौजूद डार्क रूम में रखे गए कल्चर, प्रकाश में हो रही मशरूम की ग्रोथ, तैयार हो रहे फाइनल उत्पाद तथा प्रोसेसिंग के बाद तैयार किए जा रहे उत्पादों का भी अवलोकन कराया गया। भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों ने रुद्र बायोटेक द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के नवीन कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी आधारित उद्यम किसानों और युवाओं के लिए रोजगार एवं आय का नया माध्यम बन सकते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा
