भाेपाल, 01 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति से आंख मूंदने वाला बजट बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट ठोस समाधान के बजाय केवल आंकड़ों की बाजीगरी पर आधारित है।

जीतू पटवारी ने रविवार काे अपने बयान में कहा कि लगभग डेढ़ घंटे के बजट भाषण में वित्त मंत्री ने गिरते रुपये, विदेशी निवेश (FDI) के लगातार बाहर जाने, निजी निवेश की कमी और आर्थिक मंदी जैसे गंभीर मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं की। यह सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करता है।

कटौती के सहारे पेश किया गया बजट
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह बजट व्यापक कटौतियों पर आधारित है, जो स्वयं अर्थव्यवस्था की सुस्ती को उजागर करता है। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 में सरकार ने अपने ही बजटीय अनुमानों में बड़ी कटौती की है। राजस्व प्राप्तियों में ₹78,086 करोड़ और नेट टैक्स प्राप्तियों में ₹1,62,748 करोड़ की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि कुल सरकारी खर्च में ₹1,00,503 करोड़ और पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) में ₹1,44,376 करोड़ की कटौती की गई है। इसके बावजूद सरकार 4.4 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे को उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रही है, जबकि यह लक्ष्य स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और सामाजिक कल्याण जैसे अहम क्षेत्रों में कटौती कर हासिल किया गया है।
महिला, युवा, किसान और गरीब सबसे ज्यादा प्रभावित
जीतू पटवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री जिन चार वर्गों—महिला, युवा, किसान और गरीब—की बात करते हैं, इस बजट में उन्हें ही सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया गया है। स्वास्थ्य बजट में ₹3,686 करोड़ और शिक्षा बजट में ₹6,701 करोड़ की कटौती की गई है। कृषि क्षेत्र में ₹6,985 करोड़, ग्रामीण विकास में ₹53,067 करोड़ और शहरी विकास में ₹39,573 करोड़ की कटौती सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाती है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना में ₹3,200 करोड़ और जल जीवन मिशन में ₹50,000 करोड़ की कटौती को गंभीर चिंता का विषय बताया। उनका कहना था कि जल जीवन मिशन के लिए आवंटित राशि का केवल लगभग 2 प्रतिशत ही उपयोग हो पाना सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, जबकि देश के कई हिस्सों में लोग आज भी दूषित पानी के कारण बीमार पड़ रहे हैं।
दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों के साथ अन्याय का आरोप
पटवारी ने कहा कि यह बजट दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों के हितों की भी अनदेखी करता है। पीएम अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना में ₹890 करोड़, OBC/EBC/DNT छात्रवृत्ति में ₹690 करोड़, SC पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति में ₹360 करोड़ और ST विकास कार्यक्रमों में ₹1,559 करोड़ की कटौती की गई है।
आर्थिक रफ्तार को लेकर सरकार स्वयं आश्वस्त नहीं
उन्होंने कहा कि FY 2026-27 के लिए खाद्य सुरक्षा, LPG योजना, फसल बीमा, यूरिया सब्सिडी, रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं में अपेक्षाकृत कम प्रावधान किए गए हैं। साथ ही केवल 10 प्रतिशत नॉमिनल GDP ग्रोथ का अनुमान यह दर्शाता है कि सरकार स्वयं आर्थिक रफ्तार को लेकर आश्वस्त नहीं है। ₹17.14 लाख करोड़ के घोषित कैपेक्स को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि चालू वित्त वर्ष में ही कैपेक्स में ₹1.44 लाख करोड़ की कटौती की जा चुकी है, जिससे यह आंकड़ा भ्रामक प्रतीत होता है।
जनविरोधी बजट बताया
जीतू पटवारी ने कहा कि यह बजट न गरीब के लिए है, न मध्यम वर्ग के लिए, न किसान, महिला और न ही युवाओं के लिए। यह बजट गिरती अर्थव्यवस्था, कमजोर रुपये और निवेश संकट जैसे मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए है। इसी कारण मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी इस बजट को पूरी तरह जनविरोधी मानती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे
