रांची, 01 फ़रवरी (हि.स.)। झारखंड की कृषि, पशुपालन और सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने आम बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे “बड़ा पैकेट, शून्य धमाका” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बजट झारखंड जैसे राज्यों के सीमांत किसानों और पिछड़े राज्यों के लिए पूरी तरह निराशाजनक है।

मंत्री तिर्की ने कहा कि इस बजट में किसानों के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है और न ही केंद्र सरकार का कोई स्पष्ट विजन दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर ‘पिक एंड चूज’ पॉलिसी के तहत तैयार किया गया है, जिसमें चुनिंदा राज्यों को बड़े पैकेज दिए गए हैं, जबकि झारखंड सहित अन्य कई राज्यों को नजरअंदाज किया गया है।

मंत्री ने कहा कि झारखंड में कृषि, ग्रामीण विकास और सीमांत किसानों के कल्याण के लिए बजट में पर्याप्त निवेश की आवश्यकता है, ताकि किसान उत्पादन बढ़ा सकें और ग्रामीण क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिल सके। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि राज्यों के बीच वितरित संसाधनों में न्यायपूर्ण और समावेशी नीति अपनाई जाए, ताकि झारखंड जैसे पिछड़े राज्यों के विकास में कोई कमी न रह जाए।
शिल्पी नेहा तिर्की ने बताया कि सीमांत किसानों की समस्याओं को देखते हुए बजट में बीज, उर्वरक, सिंचाई, फसल बीमा और ऋण सहायता जैसी योजनाओं के लिए पर्याप्त प्रावधान होना चाहिए था, लेकिन आम बजट में यह नजरअंदाज किया गया है। उनका कहना था कि सरकार की यह नीतिगत चूक सीधे झारखंड के कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर डालेगी।
मंत्री शिल्पी ने अंत में कहा कि झारखंड सरकार राज्य के किसानों और ग्रामीण विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है और केंद्र सरकार से भी मांग की कि राज्यों को उनके वास्तविक विकास के अनुसार वित्तीय संसाधन प्रदान किए जाएं।———————-
हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar
