
जयपुर, 01 फ़रवरी (हि.स.)। माघ पूर्णिमा के अवसर पर रविवार को छोटी काशी जयपुर के प्रमुख मंदिरों में धार्मिक आयोजन किए गए। पर्व के चलते शहर के मंदिरों में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। माघ पूर्णिमा के साथ ही तीर्थराज प्रयागराज में एक माह से चल रहा माघ स्नान भी संपन्न हुआ, वहीं जयपुर में श्रद्धालुओं ने गलताजी में स्नान कर धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण किए।

माघ पूर्णिमा के अवसर पर गोविंद देवजी मंदिर में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। मंदिर में ठाकुरजी का धवल श्रृंगार किया गया और श्वेत पुष्पों से सजावट की गई। मंगला झांकी के उपरांत मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ठाकुरजी एवं शालिग्राम भगवान का पंचामृत अभिषेक कराया गया। इस दौरान श्रृंगार आरती संपन्न हुई और विशेष भोग अर्पित किए गए। हरिनाम संकीर्तन के बीच श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

इसी क्रम में अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में गोविंद देवजी मंदिर परिसर में निशुल्क पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ का शुभारंभ मंदिर सेवा अधिकारी मानस गोस्वामी द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। यज्ञ में डॉ. राजकुमार सतनाकर, डॉ. अजय भारद्वाज एवं मुकेश कुमार ने आचार्यत्व किया। यज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण की भावना के साथ आहुतियां अर्पित कीं।
माघ पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं पर प्रयागराज के त्रिवेणी संगम के जल का अभिषेचन भी किया गया। यज्ञ में “एक बुराई छोड़ो–एक अच्छाई अपनाओ” का सामूहिक संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर गायत्री चेतना केंद्र, जनता कॉलोनी की ओर से साहित्य स्टॉल लगाया गया, जहां आध्यात्मिक पुस्तकों का वितरण लागत मूल्य पर किया गया। शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इधर, सुभाष चौक पानों का दरीबा स्थित शुक संप्रदाय की प्रधान पीठ सरस निकुंज में पूर्णिमा उत्सव आयोजित किया गया। कार्यक्रम शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण के सान्निध्य में संपन्न हुआ। इस दौरान राधा सरस बिहारी के स्वरूप का वेदोक्त मंत्रोच्चार के साथ पंचामृत अभिषेक कर पुष्पों से श्रृंगार किया गया। सायंकाल पूर्णिमा के पदों का गायन हुआ।
इसके अतिरिक्त शहर के अन्य वैष्णव मंदिरों—चौड़ा रास्ता स्थित राधा दामोदरजी मंदिर, त्रिपोलिया बाजार के विनोदी लालजी, रामगंज बाजार के लाड़लीजी, चांदनी चौक स्थित बृजनिधि जी सहित अन्य मंदिरों में भी विशेष झांकियां सजाई गईं। श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते मंदिर परिसरों में दिनभर चहल-पहल बनी रही। सभी आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुए।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश
