– हर क्षेत्र, हर वर्ग और हर नागरिक को सशक्त बनाने का एक स्पष्ट ब्लूप्रिंट है यह बजट: उच्च शिक्षा मंत्री

भोपाल, 01 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 हर वर्ग के सर्वांगीण विकास के मूल ध्येय को परिलक्षित करता है। यह दूरदर्शी, सर्वस्पर्शी एवं सर्वसमावेशी बजट, विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेज गति देने वाला बजट है।

मंत्री परमार शाजापुर जिले के शुजालपुर स्थित टेम्पो चौराहा पर, आमजन के साथ केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 का सजीव प्रसारण सुनने के उपरांत, बजट को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने सर्वहितैषी एवं लोककल्याणकारी बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का अभिनंदन किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में, राज्य सरकार केंद्रीय बजट के प्रावधानों को राज्य में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।
उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि आम बजट 2026-27 के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सिद्ध किया है कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारी सरकार का संकल्प है। इस बजट में न केवल हर क्षेत्र, हर वर्ग और हर नागरिक को सशक्त बनाने का एक स्पष्ट ब्लूप्रिंट है, बल्कि उन्हें प्रोत्साहन देने का एक जमीनी विजन भी है उन्हें हर कदम पर मदद करेगा।
परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में गरीब, वंचित और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े हर व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य हुआ है। केंद्रीय बजट 2026-27 इस संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा। यह बजट आत्मनिर्भर, सशक्त, समावेशी और विश्वगुरु बनने की दिशा में भारत की मजबूत आधारशिला सिद्ध होगा। यह बजट विकास, विश्वास और जनकल्याण के मूल मंत्र पर आधारित है, जिसमें किसान, मातृशक्ति, युवा, श्रमिक, मध्यम वर्ग और उद्यमियों के सशक्तिकरण सहित चहुंमुखी विकास की स्पष्ट झलक है। परमार ने विश्वास जताया कि यह बजट रोजगार सृजन को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा युवाओं को नए अवसर प्रदान करने में अपनी उपयोगिता सिद्ध करेगा।
परमार ने कहा कि इस बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, रोजगार और युवाओं की सहभागिता केंद्रित प्रावधान, देश की सामाजिक-आर्थिक आवश्यकताओं के अनुरूप हैं। विशेष रूप से शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्रों में बजट आवंटन में निरंतर वृद्धि इन क्षेत्रों को सुदृढ़ करने की दिशा में सकारात्मक कदम है। यह बढ़ोत्तरी न केवल अवसंरचना विस्तार में सहायक होगी, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को व्यापक बनाने में भी सहायक सिद्ध होगी। समग्र शिक्षा, पीएम-श्री और पीएम-उषा जैसी योजनाओं के लिए किए गए प्रावधानों से शिक्षा की गुणवत्ता, समान अवसर और संस्थागत क्षमता को और अधिक बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में छात्राओं के लिए छात्रावास स्थापित करने का निर्णय, उच्च शिक्षा में बालिकाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में उपयोगी सिद्ध होगा।
मंत्री परमार ने कहा कि बजट में ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम’ पर केंद्रित उच्चस्तरीय स्टैंडिंग कमेटी के गठन का प्रस्ताव युवाओं की रोजगारोन्मुखी तैयारी को संस्थागत आधार प्रदान करेगा। इसके साथ ही औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक कॉरिडोर के निकट पाँच यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने का निर्णय शिक्षा-उद्योग समन्वय को और सुदृढ़ करेगा। एवीजीसी (एनिमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) क्षेत्र के लिए विद्यालयों और महाविद्यालयों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स की स्थापना से नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे। इस बजट में शिक्षा को रोजगार से जोड़ने का स्पष्ट प्रयास किया गया है। शैक्षणिक संस्थानों में निवेश, डिजिटल और कौशल-आधारित शिक्षा, कंटेंट क्रिएशन एवं अत्याधुनिक तकनीकों पर विशेष ध्यान देना, यह दिखाता है कि सरकार युवाओं को केवल डिग्री नहीं, बल्कि रोज़गार योग्य कौशल भी देना चाहती है। इससे आत्मनिर्भर और नवाचारी भारत की नींव मजबूत होगी। इन प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को धरातल पर साकार करने में सहायक होगा।
परमार ने कहा कि आम बजट 2026 केवल आर्थिक दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि यह भारत के भविष्य निर्माण का रोडमैप है। एक ऐसे भारत के निर्माण का विजन है, जो विश्व में हर क्षेत्र में अग्रणी हो। बजट का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक स्वरूप देकर देश के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देना है। इस बजट में शिक्षा और आयुर्वेद जैसे दो आधार स्तंभों को विशेष महत्व दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस बजट में, हमारी प्राचीन ज्ञान परम्परा को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने का भी प्रयास है। नए राष्ट्रीय स्तर के आयुर्वेद संस्थान, शोध केंद्र और वैश्विक सहयोग से न केवल स्वास्थ्य सेवाएँ सशक्त होंगी, बल्कि भारत को पुनः विश्वगुरु के रूप में पारंपरिक चिकित्सा का नेतृत्व करने का अवसर भी मिलेगा। साथ ही, आयुर्वेद के क्षेत्र में रोजगार और स्वास्थ्य पर्यटन की अपार संभावनाएँ भी खुलेंगी। परमार ने कहा कि शिक्षा से श्रेष्ठ नागरिक और आयुर्वेद से स्वस्थ समाज के निर्माण के संकल्प को साकार करने की दिशा में, यह बजट निश्चित रूप से अपनी सार्थकता सिद्ध करेगा।
परमार ने कहा कि यह बजट ऐतिहासिक बजट है, जो इतिहास में पहली बार सदन में रविवार को प्रस्तुत किया गया है और यह पहला बजट है, जो कर्तव्य भवन में बना है और इस बजट में तीन कर्तव्यों को प्रमुखता दी गई है, इसमें आर्थिक उन्नति को बढ़ावा देना यानि निवेश, उद्योग और रोजगार सृजन को मजबूत करना, जनता की उम्मीदों को पूरा करना यानी सामान्य नागरिकों को अधिक सुविधाएं और अवसर देना, सबका साथ, सबका विकास यानि विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाना शामिल हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर
