कानपुर, 01 फरवरी (हि.स.)। संत शिरोमणि महाप्रभु गुरु रविदास के जन्मोत्सव का आयोजन नाना राव पार्क फूलबाग में सद्गुरु रविदास जुलूस कमेटी, सेंट्रल हरबंस मोहाल द्वारा किया गया। यह कार्यक्रम पिछले 102 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है। इस बार रविवार को शहर की अंबेडकरवादी और मानवतावादी संस्थाओं ने संयुक्त रूप से भाग लिया और अपने स्टाल व बैनर के साथ मेला जैसा उत्सव तैयार किया।

मुख्य मंच पर महाप्रभु रविदास द्वारा पाखंडवाद और सामाजिक असमानता पर किए गए प्रहारों को उजागर किया गया और समता एवं समान अवसर की सोच को विस्तार से समझाया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों में उत्साह और उमंग का वातावरण रहा।

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आई झांकियां रही। झांकियां हरबंस मोहाल में इकट्ठा होकर शहर की गलियों और सड़कों से होते हुए फूलबाग मैदान में पहुंचीं। झांकियों ने महाप्रभु रविदास की शिक्षाओं, सामाजिक संदेशों और सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया। अंत में इन झांकियों को क्रमबद्ध कर पुरस्कृत भी किया गया, जिससे कार्यक्रम में और उत्साह बढ़ा।
कार्यक्रम ने शहर में सामाजिक एकता, मानवता और समता के संदेश को मजबूती से प्रस्तुत किया। आयोजन में आए लोगों ने न केवल धार्मिक अनुभव किया बल्कि सामाजिक चेतना और सामूहिक सौहार्द्र का भी अनुभव लिया।
कार्यक्रम आयोजक धनीराम पेंथर ने रविवार को कहा कि आज के कार्यक्रम के माध्यम से हम समाज में फैली जातिवाद और भेदभाव को समाप्त करने का संदेश देना चाहते हैं। महाप्रभु रविदास की शिक्षाओं से प्रेरित होकर यह आयोजन लोगों में समानता, भाईचारा और मानवता की भावना को जागृत करता है। उन्होंने कहा कि लंगर, झांकियां और सामाजिक गतिविधियां सिर्फ उत्सव नहीं हैं, बल्कि यह समाज को जोड़ने और सामूहिक चेतना बढ़ाने का माध्यम भी हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप
