जोधपुर, 02 फरवरी (हि.स.)। जोधपुर से हैदराबाद जा रही निजी बस के पार्सल में एमडी ड्रग्स की पुडिय़ा मिली है। हरी मिर्च की आड़ में यह तस्करी की जा रही थी। मिर्च को बीच से फाडक़र सिल्वर फॉयल में नशे को पुडिय़ा में पैक किया गया था। मामला सामने आने के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) जांच में जुट गई है।

दरअसल अब तक ट्रक में छिपाकर या उसे मोडिफाइड कर तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं। अब निजी बसों में ड्रग्स लाने के लिए तस्करों ने अनोखी तरकीब लगाई, जिसकी कल्पना आसान नहीं है। निजी बसों के जरिए पार्सल के नाम पर एमडी ड्रग्स और स्मैक की सप्लाई की जा रही थी। चौंकाने वाली बात यह है कि मथानिया और सोयला की मशहूर हरी मिर्च की आड़ में ड्रग्स भेजे जा रहे थे। यहां एक हरी मिर्च की कीमत करीब पांच हजार बताई जा रही है। यह मामला 28 जनवरी का है।
जोधपुर से हैदराबाद जा रही बस में किसी व्यक्ति ने मिर्च का पार्सल भेजा था। बस हैदराबाद पहुंचने पर ड्राइवर को शक हुआ। उसने पार्सल खोलकर देखा तो हरी मिर्च थी। ड्राइवर ने मिर्च को काटकर देखा, तब ड्रग्स होने का पता चला। मिर्च के अंदर फॉयल पेपर में छोटे-छोटे एमडी ड्रग्स और स्मैक के टुकड़े भर रखे थे। ड्राइवर ने इसका वीडियो भी बनाया। इस बीच एक व्यक्ति आया और ड्राइवर से पार्सल देने को कहा। ड्राइवर ने मिर्च में ड्रग्स होने की बात कही तो उसे धमकाकर बोला कि तुझे पार्सल लाने के पैसे मिल गए। इसके बाद वो व्यक्ति पार्सल लेकर चला गया। बस ड्राइवर ने हैदराबाद पुलिस को इसकी जानकारी दी।
एनसीबी जोधपुर जोनल डायरेक्टर घनश्याम सोनी ने मिर्च में तस्करी का वीडियो जारी किया है। साथ ही उन्होंने कहा है कि निजी बसों के जरिए पार्सल के रूप में ड्रग्स सप्लाई की सूचनाएं पहले भी मिलती रही हैं, लेकिन मिर्च के बहाने ड्रग्स भेजने का यह तरीका पहली बार सामने आया है। इस नेटवर्क को तोडऩे के लिए ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम लोगों से अपील की है, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की हेल्पलाइन मानस 1933 पर सूचना देने पर व्यक्ति का नाम गुप्त रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि हम सबको समाज को नशे से बचाना है। नशे के विरुद्ध युद्ध में सभी लोगों का सहयोग जरूरी है। सभी लोग जागरूक रहें और कोई भी चीज ऐसी संदिग्ध लगे तो एनसीबी को सूचना दें।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश
