अररिया 02 फरवरी(हि.स.)।

शहर के शिशु भारती विद्यालय के निकट लोक शिक्षा समिति के प्रदेश अध्यक्ष राम प्रकाश प्रसाद के निज निवास पर आयोजित आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान-यज्ञ के दूसरे दिन सोमवार को महापुराण के महात्म्य प्रसंग, सृष्टि की उत्पत्ति,भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के महत्व पर हुई चर्चा हुई।
सुप्रसिद्ध कथा वाचक आचार्य श्री नारायण शर्मा ने श्रीमद्भागवत महापुराण के महात्म्य प्रसंग, सृष्टि की उत्पत्ति, तथा भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के महत्व पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण मानव जीवन को अज्ञान से ज्ञान की ओर तथा मोह से मोक्ष की ओर ले जाने वाला दिव्य ग्रंथ है। कलियुग में भगवान के नाम का स्मरण और कथा श्रवण ही सबसे सरल एवं प्रभावशाली साधन है।
आचार्य नारायण शर्मा ने अपने प्रवचन में कहा कि जब-जब समाज में अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान किसी न किसी रूप में अवतार लेकर भक्तों की रक्षा करते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से जीवन में सत्य, सेवा और सदाचार को अपनाने का आह्वान किया। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और भक्त प्रह्लाद जैसे प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
प्रवचन के बीच-बीच में भजन-कीर्तन एवं संकीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
आयोजकों द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैठने, पेयजल, स्वच्छता एवं सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई है। आयोजन समिति ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा प्रतिदिन निर्धारित समय पर विधिवत रूप से संपन्न होगी तथा अंतिम दिन पूर्णाहुति एवं महाप्रसाद का आयोजन किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर
