धमतरी, 02 फ़रवरी (हि.स.)।किसान संघर्ष समिति जोन बेलरबाहरा के पदाधिकारी, किसान व ग्रामीणों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग को लेकर तुमड़ीबहार पुल के पास सड़कजाम कर प्रदर्शन किया। मांगे पूरी नहीं होने पर अब भूख हड़ताल में बैठकर शासन-प्रशासन से शीघ्र अपनी समस्याओं के निराकरण करने की मांग की है।

चक्काजाम से नगरी-देवभोग मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। चक्काजाम से यात्रियों और लोगों की दिक्कतें बढ़ गई है, क्योंकि क्षेत्र में मड़ई-मेला का दौर जारी है।
चक्काजाम कर प्रदर्शन करने वाले ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि वे लंबे समय से अपनी कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कुछ समय पहले नगरी एसडीएम कार्यालय के सामने सांकेतिक धरना भी दिया था। मांगें पूरी नहीं होने पर चक्काजाम की चेतावनी दी थी। बावजूद ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, ऐसे में आक्रोशित ग्रामीणों ने दो फरवरी से फिर अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन व सड़कजाम में कूद पड़े है।
ग्रामीणों का आरोप है कि शासन–प्रशासन केवल आश्वासन देकर आंदोलन शांत कराने का प्रयास करता रहा है, लेकिन इस बार वे मानने वाले नहीं है। किसान व ग्रामीणों की मांग है कि राज्य सरकार की घोषणा अनुसार धान प्रति एकड़ 21 क्विंटल खरीदी सुनिश्चित की जाए। रकबा समर्पण व घर-घर पूछताछ बंद हो और निर्धारित समय में सभी किसानों के धान की खरीदी हो। इसके अलावा हाई स्कूल तुमड़ीबहार को हायर सेकेंडरी स्कूल में उन्नयन किया जाए। उप स्वास्थ्य केंद्र बेलरबाहरा में एएनएम व आरएचओ की पदस्थापना करने की मांग की है, ताकि क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा बेहतर हो सके। लोगों को समय पर उपचार मिल सके।
ग्राम पंचायत ठेंनही, बेलरबाहरा, नवागांव (सां) सहित आसपास के गांवों तक सोंढूर डेम से नहर–नाली विस्तार करने की मांग ग्रामीणों की है। वहीं बोईरगांव-लीलांज तक विद्युतीकरण सहित पक्की सड़क निर्माण, थाना मेचका से सोंढूर बांध जीरो होते हुए बेलरबाहरा उप स्वास्थ्य केंद्र तक पक्की सड़क बनाने की मांग है। इसी तरह दौड़ नाला में स्वीकृत रपटा निर्माण कार्य तत्काल शुरू करने की मांग, मेन रोड से अर्जुनी मुख्य बस्ती तक पक्की सड़क व पुलिया दो किलोमीटर स्वीकृत करें। इसके अलावा पक्की सड़कों की मरम्मत करने की मांग की है, जिसमें अरसीकन्हार–अर्जुनी पांच किलोमीटर, गाताभर्री–दौड़ पंडरीपानी चार किलोमीटर, गहनासियार–भीरागांव पांच किलोमीटर, पुलिस व एनआईए द्वारा कथित प्रताड़ना, घरों में छापेमारी तथा माओवादी सहयोगी के रूप में दर्ज मामलों को निरस्त करने की मांग की है। चक्काजाम करने वाले ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इधर शासन प्रशासन को चक्काजाम की खबर लगी तो मेचका थाना के प्रभारी आंदोलन स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन आंदोलन जारी है। वहीं एसडीएम प्रीति दुर्गम के साथ पीडब्ल्यूडी विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन करने वालों को समझाने में लगे हुए है। अधिकारियों ने आंदोलन करने वाले ग्रामीणों को शासन से बजट आने के बाद कार्य कराने का आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन ग्रामीण आंदोलन बंद करने तैयार नहीं है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा
