डिजिटल टीम, पटना। 10वीं बोर्ड रिजल्ट घोषित होने के बाद स्कूल प्रबंधन छात्रों के विरोध से काफी परेशान हैं। 3 अगस्त के बाद से ही रोहतास जिले के डेहरी अनुमंडल क्षेत्र के सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूलों के छात्र लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस मामले में स्कूल प्रबंधन का कहना है कि रिजल्ट बनाने में उन्हें किसी भी तरह की स्वतंत्रता नहीं दी गई। स्थानीय सन बीम पब्लिक स्कूल ने इस मामले में अपना पक्ष रखा है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि सीबीएसई के तय गाइडलाइन्स के अनुसार, विविध श्रेणियों में बच्चों की संख्या तय की गई थी। जिसके बाद तीन साल के हिस्टॉरिकल डाटा के आधार पर रेफरेंश इयर तय किया गया। जिसके मीन एवरेज का हर हाल में पालन किया गया है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अगर किसी भी विषय में 0।25 अंक पाने वाले छात्रों की संख्या 55% है तो इतने छात्रों को उसी श्रेणी में रखने की हिदायत दी गई है। सीबीएसई बोर्ड के गाइडलाइन्स के अनुसार, रिजल्ट तैयार होने पर इसके सबमीशन की स्वीकृत किया गया। अन्यथा रिजल्ट वापस कर दिया जाता था।

इस मामले में स्कूल की प्राचार्य अनुभा सिंहा का कहना है कि सीबीएसई गाइडलाइन की बाध्यता न बच्चे समझ पा रहे हैं और न अभिभावक। इसे स्वीकार्य भी नहीं किया जा रहा है। जिस कारण छात्रओं और अभिभावकों में रोष है। विद्यालय के निदेशक राजीव रंजन कुमार का कहना है कि इस मामले में सीबीएसई बोर्ड को इस तरह का निर्णय लिया जाना चाहिए जिससे बच्चों का असंतोष कम किया जा सके। इसके साथ ही जरूरत के अनुसार, रिजल्ट में सुधार किया जाए।

