कोलकाता, 07 फरवरी (हि.स.)।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा संचालित आर जी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शुक्रवार को कोलकाता की एक विशेष अदालत के समक्ष चार्जशीट दाखिल की।
इस मामले में मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य संदीप घोष प्रमुख आरोपितों में शामिल हैं। संदीप घोष को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में गिरफ्तार किया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित मामला दर्ज कर जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की है।
सूत्रों के अनुसार, यह मामला आर जी कर अस्पताल के पूर्व अधिकारी अख्तर अली की याचिका के बाद सामने आया था। अख्तर अली ने संदीप घोष के कार्यकाल के दौरान कथित वित्तीय गड़बड़ियों की सीबीआई जांच की मांग की थी, जिसे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट से भी मंजूरी मिली थी।
ईडी ने इस मामले में धन के कथित लेन-देन और उसके स्रोत की जांच के लिए ईसीआईआर दर्ज की थी, जिसे पुलिस की प्राथमिकी के समकक्ष माना जाता है। जांच के दौरान मनी ट्रेल से जुड़े कई तथ्यों को आधार बनाकर चार्जशीट तैयार की गई।
उल्लेखनीय है कि संदीप घोष के प्राचार्य रहते हुए ही नौ अगस्त 2024 को आर जी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की सनसनीखेज घटना सामने आई थी। महिला डॉक्टर का शव उत्तर कोलकाता स्थित अस्पताल के सम्मेलन कक्ष में मिला था। इस मामले में कोलकाता पुलिस के पूर्व सिविक वॉलंटियर संजय रॉय को जनवरी 2025 में सियालदह सत्र न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
ईडी की चार्जशीट के बाद अब अदालत में इस मनी लॉन्ड्रिंग मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी, जबकि आर जी कर मेडिकल कॉलेज से जुड़े अन्य मामलों की जांच भी विभिन्न एजेंसियों द्वारा जारी है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
