बलरामपुर, 06 फ़रवरी (हि.स.)। जिस स्कूल को ज्ञान, संस्कार और सुरक्षा का सबसे पवित्र केंद्र माना जाता है, उसी विद्या के मंदिर में नाबालिग छात्रा की गरिमा से खिलवाड़ का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर ब्लॉक स्थित एक हायर सेकेंडरी स्कूल में प्राचार्य द्वारा छात्रा के साथ बैड टच किए जाने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना ने न सिर्फ पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की संवेदनशीलता और निगरानी तंत्र पर भी कठोर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी अनुसार, वाड्रफनगर ब्लॉक अंतर्गत बरती हायर सेकेंडरी स्कूल से सामने आया यह मामला शिक्षा जगत के लिए बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है। जिस स्कूल को बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित स्थान माना जाता है, उसी स्कूल का प्राचार्य नाबालिग छात्रा से अश्लील हरकत के मामले में आरोपित बनाया गया है।
पीड़ित नाबालिग छात्रा ने साहस दिखाते हुए पूरी घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी। इसके बाद परिजन छात्रा को लेकर वाड्रफनगर पुलिस चौकी पहुंचे, जहां स्कूल के प्राचार्य के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए प्राचार्य युवधन जायसवाल को आरोपित बनाते हुए उसके खिलाफ छेड़छाड़ की धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। चूंकि मामला नाबालिग से जुड़ा है, इसलिए पुलिस कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई कर रही है।
मामला दर्ज होते ही आरोपित प्राचार्य फरार हो गया, जिससे उसके कृत्य और मंशा पर और भी गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपित को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह पूरा मामला वाड्रफनगर पुलिस चौकी क्षेत्र के बरती हायर सेकेंडरी स्कूल का बताया जा रहा है। घटना सामने आने के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि जब विद्या के मंदिरों में ही बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, तो फिर भरोसा किस पर किया जाए। स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
वाड्रफनगर चौकी प्रभारी डाकेश्वर सिंह ने बताया कि, पीड़ित छात्रा का बयान दर्ज कर लिया है और अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान इस पूरे मामले में और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव से इस संबंध में फोन पर बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है और जांच पूर्ण होने के बाद नियमानुसार आगे की सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि, यह घटना शिक्षा व्यवस्था पर एक गहरा धब्बा है, जिसने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर विद्या के मंदिरों की पवित्रता और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सिस्टम कहां चूक रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय
