नई दिल्ली, 07 फ़रवरी (हि.स.)। कांग्रेस ने गोवा को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग करते हुए केंद्र सरकार पर राज्य की संस्कृति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। पार्टी के दक्षिण गोवा के सांसद कैप्टन विरियाटो फर्नांडिस ने लोकसभा में प्राइवेट मेंबर बिल भी पेश किया है, जिसमें गोवा को संवैधानिक सुरक्षा दिए जाने का प्रस्ताव है।

गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमित पाटकर ने यहां पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि कांग्रेस ने गोवा को विशेष राज्य का दर्जा देने का वादा किया था, लेकिन मौजूदा सरकार ने राज्य को बर्बादी की ओर धकेल दिया है। गोवा की संस्कृति और पर्यावरण पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है और लोग मजबूरी में राज्य छोड़ने लगे हैं।

कांग्रेस के गोवा प्रभारी माणिकराव ठाकरे ने कहा कि गोवा की पहचान उसकी संस्कृति और पर्यटन से है, लेकिन मौजूदा सरकार ने इसे कमजोर कर दिया है। उन्होंने हाल ही में हुए हादसे का जिक्र कर कहा कि 25 लोगों की मौत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने केवल मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया, जबकि कांग्रेस ने सीबीआई जांच की मांग की थी। सरकार गोवा की ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही है।
कांग्रेस के दक्षिणी गोवा से सासंद कैप्टन विरियाटो फर्नांडिस ने कहा कि उन्होंने संसद में प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया है, जिसमें गोवा को संवैधानिक सुरक्षा देने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि गोवा का इतिहास बताता है कि कांग्रेस ने हमेशा राज्य की पहचान और संस्कृति को सुरक्षित रखने का काम किया है। वर्ष 1961 में गोवा आजाद हुआ, 1967 में इंदिरा गांधी के नेतृत्व में जनमत संग्रह हुआ जिससे गोवा अलग इकाई बना रहा और 1987 में राजीव गांधी ने राज्य का दर्जा दिया और कोंकणी को आधिकारिक भाषा मान्यता दी।
सांसद ने कहा कि इस बिल के जरिए गोवा की जमीन, नदियों, जंगलों, पहाड़ियों और कृषि भूमि की रक्षा की जाएगी। संविधान में पहले से ही अनुच्छेद 371 के तहत कई राज्यों को विशेष सुरक्षा दी गई है।———-
हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर
