मुंबई, 07 फरवरी (हि.स.)। दक्षिण मुंबई में चल रहा

काला घोड़ा महोत्सव इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। इसमें ट्रांसजेंडरों की ओर

से बनाई गई वस्तुओं ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। ट्रांसजेंडर सेल्फ-हेल्प
ग्रुप ‘उमंग’ के पवेलियन में 90 हजार रुपये से अधिक सामानों की बिक्री हुई है।
बीएमसी प्रशासन समाज के उन तबकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत
करने के लिए कई तरह की स्कीमें चला रहा है जो मुख्यधारा से दूर हैं। इसी कड़ी में ‘काला घोड़ा’ आर्ट फेस्टिवल
में ट्रांसजेंडरों के लिए जगह उपलब्ध कराई गई है। ‘उमंग’ सेल्फ-हेल्प
ग्रुप ने हैंडीक्राफ्ट बनाए हैं। महोत्सव के सिर्फ़ तीन दिनों में इस ग्रुप ने 90 हजार रुपये का सामान बेचा है।
महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाने के उद्देशय से कई स्टाल लगाए गए हैं। बीएमसी
प्रशासन कई तरह के प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराता है। ताकि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय
पहचान, पब्लिसिटी और आय मिल सके। ‘योगी रानी’ और उनके 9 साथियों ने ट्रांसजेंडरों
के लिए फरवरी 2024 में के- पश्चिम विभाग में ‘उमंग सेल्फ-हेल्प
ग्रुप’ शुरू किया था। बीएमसी ने शुरू में इस ग्रुप को 10,000 रुपये का ग्रांट और
ज़रूरी ट्रेनिंग दी। योगी रानी ने अपने साथियों को ज्वेलरी बनाने की कला भी सिखाई।
अब उमंग सेविंग्स ग्रुप का सफर ‘काला घोड़ा’ जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर
के फेस्टिवल तक पहुंच गया है।
इस साल के महोत्सव में मनपा योजना विभाग की निदेशक डॉ. प्राची
जांभेकर की पहल पर ग्रुप को एग्जिबिशन के लिए एक हॉल दिया गया। जूट के बैग, आकर्षक ज्वेलरी
और अलग-अलग सजावट के सामानों को ग्राहकों
ने अच्छा प्रतिसाद दिया है। इस सफलता पर खुशी ज़ाहिर करते हुए उमंग ग्रुप की योगी
रानी ने कहा कि हमें इस महोत्सव में अपनी कला और हुनर दिखाने का एक बड़ा मौका
मिला। तीन दिन में 90,000 रुपये की बिक्री करना हमारी रोज़ी-रोटी के लिए बहुत बड़ी
बात है। अगर हमें ऐसा मौका मिले, तो हम सम्मान के साथ जी सकते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार
