मुंबई ,07 फरवरी ( हि.स.) । पिछले कुछ सालों में बालकुंभ इलाके में बड़े हाउसिंग कॉम्प्लेक्स बनने से आबादी बढ़ी है, गाड़ियों की संख्या बढ़ी है, लेकिन उसके मुकाबले ट्रैफिक सिस्टम कमजोर रहा, जिससे नागरिकों की परेशानियां बढ़ी हैं, और छोटे-बड़े सड़क हादसे भी बढ़े हैं। इस बारे में विधायक संजय केलकर ने ट्रैफिक ब्रांच, मनपा अधिकारियों और एमएमआरडीए अधिकारियों का इंस्पेक्शन किया और जरूरी बदलाव सुझाए। उन्होंने इसे समय पर लागू करने के सख्त निर्देश भी दिए।

विधायक केलकर ने आज बताया है कि बालकुंभ इलाके में पीरामल वैकुंठ, दोस्ती वेस्ट काउंटी, रुनवाल गार्डन सिटी, कल्पतरु, लोढ़ा अमारा जैसे बड़े हाउसिंग कॉम्प्लेक्स बनने से आबादी तेजी से बढ़ी है, और इस आबादी के मुकाबले गाड़ियों की संख्या भी बढ़ी है। हालांकि, इस आबादी के मुकाबले यहां का ट्रैफिक सिस्टम कमजोर रहा। इसका खामियाजा जहां पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है, वहीं दुर्घटनाओं की संख्या भी बढ़ने लगी है। ठाणे शहर के विधायक संजय केलकर ने हाल ही में इस क्षेत्र में पुराने मुंबई-आगरा मार्ग का निरीक्षण किया। इस अवसर पर यातायात शाखा के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सोंडे, ठाणे महानगरपालिका के लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संजय कदम और एमएमआरडीए के अभियंता रितेश पाटिल उपस्थित थे।

पुराने मुंबई-आगरा मार्ग के दोनों ओर स्कूल हैं और बालकुंभ पाड़ा एक में महानगरपालिका का स्वास्थ्य केंद्र और प्रसूति अस्पताल है। गर्भवती महिलाओं और अन्य पैदल चलने वालों, विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों को यहां स्वास्थ्य जांच कराने के लिए जान हथेली पर रखकर सड़क पार करनी पड़ती है। साथ ही इस सड़क पर आने-जाने वाले भारी वाहनों के कारण काफी यातायात जाम हो जाता है। चौक क्षेत्र में कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसलिए अगर सड़क को चौड़ा कर यहां सिग्नल प्रणाली लगाई जाए तो यातायात जाम की समस्या भी हल हो जाएगी।
बालकुम पाड़ा 1 से शिवाजीनगर नाका तक बनने वाले पैदल पुल का काम 90 परसेंट पूरा हो चुका है और बीजेपी पदाधिकारियों ने इस पर वेदर शेड बनाने और पुल की सीढ़ियों को सोनूबाई मंदिर पर नीचे उतारने की भी मांग की। विधायक केलकर ने मौजूद अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे इस बारे में एमएमआरडीए को लेटर लिखेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा
