देहरादून, 07 फरवरी (हि.स.)। पंचायती राज मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि पंचायत की भूमि पर कहीं भी कब्ज़ा या अतिक्रमण पाया गया तो उसे तुरंत हटाया जाए। उन्होंने लैंड बैंक की स्थिति का आंकलन करने और 73वें संविधान संशोधन के तहत संविधान की 11वीं अनुसूची में वर्णित 29 विषयों को त्रिस्तरीय पंचायतों को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए।

मंत्री महाराज ने यह निर्देश शनिवार को सहस्त्रधारा रोड, डंडा लखौंड स्थित पंचायतीराज निदेशालय में विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए। उन्होंने 15 वें वित्त आयोग द्वारा प्राप्त धनराशि की स्थिति साझा करते हुए बताया कि 2020-21 से 2025-26 तक राज्य को टाइट फंड से 1,182.6 करोड़ और अनटाइड फंड से 1,630.4 करोड़, कुल 2,813 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इस धनराशि से पंचायतों में कंपोस्ट पिट, वर्मी कंपोस्ट पिट, कम्युनिटी डस्टबिन, कूड़ा संग्रहण वाहन, यात्री प्रतीक्षालय, रीसाइकलिंग प्लांट, प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन केंद्र, प्राथमिक कूड़ा संग्रहण केंद्र और कुल 1,362 पंचायत भवनों का निर्माण किया गया है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक 1,953 पंचायत भवनों का निर्माण करना है।

मंत्री ने कहा कि पांच दिवसीय आवासीय आधारभूत अभिमुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 58,729 संभावित लाभार्थियों में से 55,274 नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान और वार्ड सदस्यों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसके अलावा महिला पंचायत प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण के लिए राज्य स्तर पर 39 और जनपद स्तर पर 190 प्रतिभागियों को मास्टर ट्रेनर बनाया गया है।
समीक्षा बैठक में पंचायतीराज विभाग के विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते, पंचायत निदेशक निधि यादव, संयुक्त निदेशक रविनाथ रमन त्रिपाठी, हिमाली जोशी पेटवाल, अपर निदेशक मनोज तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।——————-
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय
