सागर, 07 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले की मोतीनगर थाना पुलिस ने शनिवार को अवैध पशु परिवहन और तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने घेराबंदी कर एक लाल रंग के ट्रक से 35 भैंसों को मुक्त कराया है, जिन्हें बेहद क्रूर तरीके से ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि ट्रक चालक मौके से फरार होने में कामयाब रहा।

मुखबिर की सूचना पर हरियाली बाजार के पास घेराबंदी
घटनाक्रम के अनुसार, मोतीनगर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि खुरई रोड स्थित हरियाली बाजार के पास से एक ट्रक में अवैध रूप से पशुओं को ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी जसवंत राजपूत के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई और मौके पर घेराबंदी की गई। पुलिस टीम को देखते ही ट्रक चालक ने वाहन खड़ा किया और अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।
ट्रक की तलाशी में सामने आई क्रूरता
पुलिस ने जब ट्रक की तलाशी ली, तो अंदर का नजारा भयावह था। ट्रक के भीतर 35 भैंसों को रस्सी से निर्दयतापूर्वक बांधकर भरा गया था। मौके पर मौजूद दो व्यक्तियों से जब पशु परिवहन के वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई भी कागज पेश नहीं कर सके।
पुलिस ने मौके से निम्नलिखित दो आरोपियों को हिरासत में लिया है जिनमें इरफान कुरैशी (24 वर्ष) पुत्र मोहम्मद कुरैशी, निवासी वार्ड नं. 13, राहतगढ़] रुस्तम (33 वर्ष) पुत्र हलीम कुरैशी, निवासी राहतगढ़ ।
कानूनी कार्रवाई और धाराएं
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 और पशु परिवहन संबंधी अन्य प्रासंगिक नियमों के तहत मामला दर्ज किया है। बरामद की गई सभी 35 भैंसों को सुरक्षित रूप से स्थानीय गौशाला के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस अब फरार ट्रक चालक की तलाश में जुटी है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस सफल ऑपरेशन में मोतीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक जसवंत राजपूत के साथ सउनि राकेश भट्ट, आरक्षक पुष्पेंद्र शर्मा, आरक्षक बद्री सिंह ठाकुर, आरक्षक सोमवीर और आरक्षक दीपक यादव की विशेष भूमिका रही। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि पशु तस्करी और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
मोतीनगर थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस पशुओं की सुरक्षा और अवैध तस्करी को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार/मनीष कुमार चौबे
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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा
