– मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने की इंदौर में मास्टर प्लान की 23 सड़कों के निर्माण कार्यों की समीक्षा

इंदौर, 07 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एलिवेटेड कारिडोर को लेकर लंबे समय से चल रही उलझन खत्म हो गई है। शनिवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हो गया कि कारिडोर चार लेन का होगा और इसके तीन चौराहों पर रोटरी बनेगी।
मंत्री विजयवर्गीय ने बैठक में महापौर पुष्यमित्र भार्गव के साथ इंदौर में मास्टर प्लान की 23 सड़कों के निर्माण कार्यों की समीक्षा की है। इसमें शहर में 4 पैकेज के माध्यम से प्रस्तावित मास्टर प्लान सड़कों को बनाने की प्रोग्रेस, टाइम लाइन में काम, तकनीकी दिक्कतों और आवश्यक समन्वय पर बात हुई।
मंत्री विजयवर्गीय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मास्टर प्लान की सड़कें समय सीमा में पूरी की जाए। उन्होंने रोड़ बनाने में आ रही दिक्कतों, खासकर रास्ते में आने वाले पेड़ों को स्थानांतरण, आवासीय और व्यावसायिक निर्माण और सेंट्रल लाइनिंग व नर्मदा, सीवरेज लाइनों के समुचित समन्वय पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि शहर की मास्टर प्लान की रोड न केवल यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करेंगी, बल्कि शहर के समग्र विकास को नई दिशा भी देगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करते हुए निर्माण कामों को गति दें।
विजयवर्गीय ने कहा कि शहर के विशेषज्ञ यातायात सुगमता के लिए कॉरिडोर की भुजाए बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में पीडब्ल्यूडी आगामी दस दिन में सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करेगा। वहीं पंद्रह दिन में एलआइजी वाले हिस्से से काम भी शुरू किया जाएगा।
बता दें कि एलिवेटेड कारिडोर पर पहले तीन चौराहों गिटार, गीता भवन और शिवाजी वाटिका पर एक-एक भुजा उतारने की योजना थी, लेकिन अब इसकी भुजाएं बढ़ाई जाएगी। वहीं तीन चौराहों नौलखा, शिवाजी वाटिका और एलआइजी चौराहा पर रोटरी बनाई जाएगी, ताकि यातायात को व्यवस्थित किया जा सके। वहीं रेस्क्यू लाइन की संभावना भी देखी जाएगी, ताकि आपात स्थिति में यातायात को सुगम किया जा सके। इसलिए अलग से प्लानिंग की जाएगी। बैठक में विधायक महेंद्र हार्डिया, रमेश मेंदोला, कलेक्टर शिवम वर्मा, इंदौर उत्थान समिति के अजित नारंग आदि मौजूद रहे।
बैठक में यह भी तय हुआ कि विशेषज्ञो के प्राप्त सभी सुझावों को आवश्यकता अनुसार शामिल किया जाएगा। अब किसी तरह की बैठक नहीं होगी। पलासिया चौराहे पर भी रोटरी की योजना है, लेकिन इसका निर्णय मेट्रों के अधिकारियों से चर्चा के बाद होगा। यहां से मेट्रो के अंडरग्राउंड गुजरने के कारण अभी रोटरी का निर्णय नहीं हुआ है।
बैठक में यह भी हुआ कि ट्राफिक के साथ ही भुजाओं की उपयोगिता का सर्वे किया जाएगा, ताकि एलिवेटेड कारिडोर को यातायात के लिए सुगम बनाया जा सके। नौलखा, शिवाजी वाटिका, गीताभवन, गिटार चौराहा पर भुजाओं की उपयोगिता का सर्वे कर एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। वहीं अन्य चौराहों पर भी भुजाएं देने का आकलन भी किया जाएगा। बैठक के अंत में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि इंदौर शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए मास्टर प्लान सड़कों के निर्माण कामों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा लोगों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर
