भोपाल, 08 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार को उत्साह और जिज्ञासा का अनोखा नज़ारा देखने को मिला, जब करीब 400 स्कूली बच्चों ने मेट्रो की सैर की। ट्रेन के शीशों से शहर का नज़ारा देखकर बच्चे खुशी से झूम उठे। सफर के दौरान उन्होंने मेट्रो स्टॉफ से कई सवाल किए, जिनमें सबसे ज्यादा उत्सुकता इस बात को लेकर रही कि मेट्रो आखिर चलती कैसे है।

केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1 के विद्यार्थियों ने केंद्रीय विद्यालय मेट्रो स्टेशन से एम्स तक लगभग 6 किलोमीटर का सफर किया। इस दौरान बच्चों ने रानी कमलापति स्टेशन, एमपी नगर, डीबी मॉल और एम्स हॉस्पिटल को ऊँचाई से देखा। मेट्रो से गुजरते हुए उन्हें डॉ. अंबेडकर (जीजी फ्लाईओवर) ब्रिज और होशंगाबाद रोड स्थित वीर सावरकर सेतु देखने को मिला। बच्चों ने साथ मौजूद मेट्रो और स्कूल स्टॉफ से मेट्राे के संचालन, सुरक्षा और तकनीक से जुड़े कई सवाल पूछे।
टिकट में दी गई विशेष छूट
नई पीढ़ी को मेट्रो से परिचित कराने के उद्देश्य से यह विशेष सफर आयोजित किया गया। इस दौरान बच्चों को टिकट में छूट भी दी गई। विद्यार्थियों को प्लेटफॉर्म व्यवस्था, ट्रेन संचालन, यात्रियों की सुरक्षा और आपात स्थितियों से निपटने की जानकारी दी गई।
क्या ले जाना मना, क्या है अनुमति—हर जानकारी दी
भोपाल मेट्रो की शुरुआत 21 दिसंबर से हुई थी। तब से अब तक हजारों यात्री मेट्रो में सफर कर चुके हैं, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों का यह पहला समूह था। इसी वजह से बच्चों को मेट्रो से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियाँ दी गईं—जिसमें यह भी बताया गया कि मेट्रो में किन वस्तुओं को ले जाने की अनुमति है और किन पर प्रतिबंध है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे
