गुवाहाटी, 08 फ़रवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी समारोह के अवसर पर गुवाहाटी शहर के पांडु, मालीगांव तथा आसपास के विभिन्न इलाकों में हिंदू सम्मेलन की पहल पर कई बैठकों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में रविवार को पांडु कॉलेज गेट के पास स्थित उत्तर सारथी खेल मैदान में एक विशेष सभा आयोजित हुई, जिसमें धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विषयों पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में आईआईटी के पूर्व निदेशक स्वामी डॉ. प्रकाश नंद महाराज, पूर्वोत्तर क्षेत्र मंडलेश्वर केशव दास महाराज, वरिष्ठ आरएसएस स्वयंसेवक शंखपाणि भराली तथा कॉटन कॉलेज के संस्कृत विभाग की विभागाध्यक्ष (एचओडी) बाग्मिता सांडिल्य उपस्थित रहीं। इसके अलावा पांडु कॉलेज गेट हिंदू सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. तिमिर दे, साधारण सचिव राजू विश्वास सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद थे।
आईआईटी के पूर्व निदेशक स्वामी डॉ. प्रकाश नंद महाराज ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद पांडु कॉलेज गेट हिंदू सम्मेलन के साधारण सचिव राजू विश्वास ने स्वागत भाषण दिया। अपने संबोधन में उन्होंने आरएसएस के शताब्दी समारोह के महत्व और समाज में सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
इसके पश्चात विशिष्ट अतिथियों ने अपने संबोधनों में हिंदुत्व, भारतीय संस्कृति, सामाजिक एकता और नैतिक मूल्यों पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि शताब्दी में प्रवेश कर चुका आरएसएस लंबे समय से समाजसेवा के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना को जाग्रत करते आ रहा है और इस प्रकार की सभाएं समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने में सहायक होती हैं।
कार्यक्रम के अंत में पांडु कॉलेज गेट हिंदू सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. तिमिर दे ने उपस्थित सभी नागरिकों और अतिथियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। पूरे कार्यक्रम का सुव्यवस्थित संचालन रूपम चक्रवर्ती ने किया। धार्मिक वातावरण और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न इस सभा ने क्षेत्रवासियों के बीच विशेष प्रभाव छोड़ा।
हिन्दुस्थान समाचार / देबजानी पतिकर
