जम्मू, 09 फरवरी (हि.स.)। जम्मू कश्मीर सरकार ने सोमवार को विधानसभा को सूचित किया कि केंद्र शासित प्रदेश में कुल 3,540.15 मेगावाट की स्थापित क्षमता वाली 32 चालू जलविद्युत परियोजनाएं हैं।

विधायक खुर्शीद अहमद के तारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में विद्युत विकास विभाग के प्रभारी मंत्री ने कहा कि कुल चालू क्षमता में से 1,197 मेगावाट की संयुक्त क्षमता वाली 13 परियोजनाएं केंद्रीय क्षेत्र में हैं, 2,250 मेगावाट क्षमता वाली 6 परियोजनाएं राज्य क्षेत्र में हैं, जबकि 72.75 मेगावाट की कुल क्षमता वाली 13 परियोजनाएं स्वतंत्र विद्युत उत्पादकों द्वारा संचालित की जा रही हैं।
सरकार ने आगे कहा कि 2026-27 से 2030-31 तक अगले पांच वर्षों में केंद्र शासित प्रदेश में प्रस्तावित या वर्तमान में निर्माणाधीन आठ नई जलविद्युत परियोजनाओं के माध्यम से 3,704.5 मेगावाट की अतिरिक्त विद्युत क्षमता जुड़ने की उम्मीद है। गुलाबगढ़ निर्वाचन क्षेत्र में स्थित आंस (नंदोली) जलविद्युत परियोजना के संबंध में एक प्रश्न के उत्तर में सरकार ने पुष्टि की कि 40 मेगावाट की इस परियोजना के लिए 2011-12 के दौरान निविदाएं जारी की गईं और नवंबर 2012 में औपचारिक रूप से इसका आवंटन किया गया तथा कार्यान्वयन समझौते पर मार्च 2013 में हस्ताक्षर किए गए। हालांकि स्वतंत्र विद्युत उत्पादक (आईपीपी) द्वारा दायित्वों का पालन न करने के कारण परियोजना में लंबे समय से विलंब हो रहा है।
सरकार ने बताया कि आईपीपी को अगस्त 2025 में चूक का नोटिस जारी किया गया था जिसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और वित्तीय विश्लेषण प्रस्तुत किया गया। वित्तीय आकलन से पता चला कि परियोजना के लिए 40 वर्षों के लिए 7.30 प्रति यूनिट का समतुल्य टैरिफ आवश्यक होगा जिससे मौजूदा बाजार परिस्थितियों में यह तकनीकी और आर्थिक रूप से अव्यवहार्य हो जाती है। आईपीपी ने बाहरी कारकों और नीतिगत बाधाओं का हवाला देते हुए जमा प्रीमियम की वापसी के साथ परियोजना से बाहर निकलने की मांग की है।
सरकार ने आगे कहा कि कार्यान्वयन समझौते और जलविद्युत नीति, 2011 के प्रावधानों के अनुसार यह मामला वर्तमान में जम्मू और कश्मीर विद्युत विकास निगम (जेकेपीडीसीएल) के विचाराधीन है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता
