हिसार, 09 फरवरी (हि.स.)। राजकीय महाविद्यालय,

नलवा में आयोजित सात दिवसीय विशेष राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का समापन जिला उच्चतर

शिक्षा अधिकारी एवं महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. कमलेश दुहन की अध्यक्षता में हुआ।
इस विशेष शिविर में एनएसएस के 50 स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
शिविर के दौरान पर्यावरण संरक्षण, नारी सशक्तिकरण,
नशा मुक्ति, सड़क सुरक्षा, नैतिक मूल्यों, साइबर सुरक्षा तथा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ
जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वयंसेवकों
ने ग्राम नलवा में रैलियों, स्वच्छता अभियान, योग-खेल गतिविधियों, डिजिटल साक्षरता,
वृद्धजनों से संवाद तथा सामाजिक विषयों पर कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के प्रति
अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए प्राचार्या
डॉ. कमलेश दुहन ने साेमवार काे कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में ‘मैं
नहीं, आप’ की भावना विकसित करना
है। उन्होंने कहा कि एनएसएस शिविर विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण, नेतृत्व क्षमता
और सामाजिक चेतना को सशक्त करते हैं, जो केवल कक्षा शिक्षण से संभव नहीं है। उन्होंने
एनएसएस कार्यक्रम शिक्षकों, अधिकारियों एवं स्टाफ के प्रयासों की सराहना करते हुए स्वयंसेवकों
से सेवा भावना को जीवन में निरंतर अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में ग्राम नलवा
के सरपंच सुशील कौशिक उपस्थित रहे। उन्होंने बालिका शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते
हुए कहा कि शिक्षित बेटियां आत्मनिर्भर बनकर समाज और राष्ट्र को सही दिशा देती हैं।
यह सात दिवसीय विशेष शिविर एनएसएस नोडल अधिकारी प्रो. राजीव कुमार के कुशल मार्गदर्शन
में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में डॉ. मीनाक्षी शर्मा, डॉ. सुनीता, डॉ. नेहा रानी, प्रदीप
एवं डॉ. राकेश सहित महाविद्यालय स्टाफ सदस्य व अन्य उपस्थित रहे। समापन अवसर पर स्वयंसेवकों
ने अपने अनुभव साझा किए तथा समाज सेवा को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लेते
हुए राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन किया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर
