मंडी, 09 फ़रवरी (हि.स.)। बल्ह बचाओ किसान संघर्ष समिति ने बल्ह में प्रस्तावित हवाई अड्डे को उपजाऊ जमीन के बजाय वैकल्पिक स्थान जाहू में बनाने की मांग उठाई है। जिसको लेकर संघर्ष समिति ने उपायुक्त मंडी को ज्ञापन देकर हवाई अड्डा बनाने से उत्पन्न समस्याओं के बारे में अवगत करवाया।

संघर्ष समिति के संयोजक जोगिंद्र वालिया ने बताया कि किसान संघर्ष समिति जून, 2018 से पूर्व मुख्यमंत्री से आग्रह करती आ रही है कि बो अपनी जिद्द को छोड़ कर दूसरी जगह गैर उपजाऊ ज़मीन पर ड्रीम एयरपोर्ट बनाये ताकि बल्ह के किसानों को उपजाऊ जमीन से उजड़ने व बरबाद होने से बचाया जा सके। लेकिन तत्कालीन सरकार बिना किसानो को साथ लिए जमीन लेकर ब एकतरफा फैसला लेकर बल्ह की बहु-फसली उपजाऊ ज़मीन को बर्वाद करना चाहती थी और हाल ही किए गए सामाजिक प्रभाव रिपोर्ट के अनुसार हवाई परियोजना के लिए हिमाचल प्रदेश के मंडी/हमीरपुर के बीच वैकल्पिक भूमि जाहू को उपयुक्त माना गया है । जो तीन जिलों मंडी ,बिलासपुर और हमीरपुर को जोड़ता है और वहां पर ज्यादातर भूमि बंजर और कम उपजाऊ है। जिसमें 80प्रतिशत भूमि सरकारी व 20 प्रतिशत भूमि निजी है और बल्ह की तुलना में भूमि अधिग्रहण से बहुत कम लोगो का विस्थापन होगा।

उन्होंने बताया कि एस.आर. एशिया टीम ने सुझाव दिया है कि जाहू में तकनीकी सर्वे के आधार पर प्रस्तावित हवाई अड्डे को वैकल्पिक स्थान जाहू में बनाया जा। बीते चार साल से बिना , पर्यावरण पर इसका प्रभाव, आर्थिक मूल्यांकन, बल्ह बाढ़-ग्रस्त होने के बावजूद प्रस्तावित परियोजना पर तबाही का मूल्यांकन,
पुनर्स्थापना और पुन:र्निवासन के बिना आगे बढ़ रही है जिसको तुरंत रोका जाए। उन्होंने बताया कि हाल ही में जो कमेटी बनाई गई है उसका गठन व भूमि अधिग्रहण 2013 का उलंघन है ।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित बल्ह क्षेत्र लगातार बाढ़ की मार झेलता रहा है, अतः यह क्षेत्र सरकार द्वारा फ्लड जोन एरिया भी घोषित किया जा चूका है और इसलिए अभी इस इलाके को औद्योगिक एरिया घोषित नहीं किया गया है।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा
