जम्मू, 09 फ़रवरी (हि.स.)।

जम्मू-केपीसीसी के कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला ने जिला जम्मू ग्रामीण अध्यक्ष नीरज कुंदन के साथ आज आरएस पुरा के रंगपुर सिधरा में चल रहे “एमजीएनआरईगा बचाओ संग्राम” को और तेज किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि रोजगार गारंटी योजना ग्रामीण श्रमिकों का वैधानिक अधिकार है और इसे कमजोर करने या कम करने का कोई भी प्रयास उनकी गरिमा, आजीविका और अस्तित्व पर सीधा हमला है।

कार्यक्रम का आयोजन आरएस पुरा ब्लॉक अध्यक्ष यश पाल ने किया। इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख लोगों में अमृत बाली, पवन भगत, इंदर शामिल थे। एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए भल्ला ने कहा कि एमजीएनआरईजीए योजना समाज के सबसे गरीब तबकों को सुनिश्चित आजीविका सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाई गई थी, लेकिन मजदूरी भुगतान में देरी, कार्यदिवसों में कटौती, स्वीकृत कार्यों की कमी और नौकरशाही की उदासीनता ने लाखों ग्रामीण परिवारों को आर्थिक संकट में धकेल दिया है।
उन्होंने लंबित मजदूरी की तत्काल रिहाई पूर्ण कार्यदिवसों की बहाली और योजना के पारदर्शी और प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी की मांग की। व्यापक राजनीतिक और संवैधानिक मुद्दे को उठाते हुए रमन भल्ला ने जम्मू और कश्मीर को तत्काल राज्य का दर्जा बहाल करने की पुरजोर वकालत की और कहा कि पूर्ण राज्य को केंद्र शासित प्रदेश में बदलने से प्रशासनिक केंद्रीकरण, लोकतांत्रिक कमी और नीतिगत गतिरोध उत्पन्न हुआ है।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों पर पर्याप्त जन प्रतिनिधित्व के बिना दूरस्थ नियंत्रण से शासन किया जा रहा है जिससे निर्णय लेने में देरी और स्थानीय प्राथमिकताओं की उपेक्षा हो रही है।
भल्ला ने जोर देकर कहा कि जवाबदेही बहाल करने लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत करने और जनता की आकांक्षाओं और जनादेश को प्रतिबिंबित करने वाले शासन को सुनिश्चित करने के लिए राज्य का दर्जा बहाल करना आवश्यक है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता
