मुंबई, 09 फरवरी (हि.स.)। महाराष्ट्र की 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनावी परिणाम सोमवार को घोषित के गए। इस पर कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य की 2 जिला परिषदों में पार्टी ने सत्ता हासिल की है।


सपकाल ने कहा कि हमने कांग्रेस की विचारधारा और संगठन को बढ़ाने के लिए अपने दम पर राज्य में निकाय चुनाव लड़ा। कुछ जगहों पर राजनीतिक स्थितियों को देखते हुए स्थानीय स्तर पर गठबंधन किया गया। क्योंकि ये कार्यकर्ताओं के चुनाव हैं, इसलिए उन्हें ज़्यादा से ज़्यादा मौके दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में लोगों ने कांग्रेस की विचारधारा को अच्छा वोट दिया है। कांग्रेस ने नए साथी वंचित बहुजन आघाड़ी, ओबीसी बहुजन आघाड़ी और राष्ट्रीय समाज पार्टी को जोड़ा है। इस चुनाव में कांग्रेस राज्य की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी बन गई है। 2029 के विधानसभा चुनाव के लिए अभी काफी समय है, उस समय की राजनीतिक स्थिति को देखकर फैसला लिया जाएगा। सपकाल ने कहा कि जिला परिषद चुनाव के दौरान सोलापुर जिले के मोहोल में एक ढाबे पर ईवीएम मशीन मिली, यह तो सबने देखा, लेकिन पता लगाइए कि मंत्रियों और सत्ताधारी नेताओं के घरों में ऐसी कितनी मशीनें मिलीं। इस चुनाव में कई जगहों पर ईवीएम मशीनों को लेकर शिकायतें मिली हैं।
चंद्रपुर मनपा के बारे में सपकाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के पास 32 की संख्या है और उसे 2 सदस्यों की जरूरत है। शिवसेना (यूबीटी) और वंचित बहुजन आघाड़ी ने चंद्रपुर में एक ग्रुप बनाया है, उनसे कांग्रेस को सपोर्ट दिलाने की कोशिशें चल रही है। यूबीटी से बातचीत हुई है और एक प्रस्ताव दिया गया है। परभणी मनपा में यूबीटी को कांग्रेस के सपोर्ट की जरूरत है और जो भी होगा, दोनों जगहों पर होगा।
सपकाल ने कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की प्लेन क्रैश में हुए निधन पर अभी भी कई लोगों के मन में संदेह है। हादसे के 10 दिन बाद भी कई सवालों के जवाब नहीं मिले हैं। इसलिए संदेह बढ़ना स्वाभाविक है। कहा गया था कि प्लेन विज़िबिलिटी की कमी की वजह से क्रैश हुआ, लेकिन उसके बाद कई बातें सामने आ रही हैं। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री फडणवीस इस हादसे को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। सरसंघचालक मोहन भागवत के बयान पर सपकाल ने कहा कि भाजपा के पूर्व अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने कहा था कि भाजपा को संघ की ज़रूरत नहीं है। इसका जवाब भागवत ने ज़रूर दिया होगा। भाजपा और आरएसएस को आपस में तय करना चाहिए कि किसे किसकी ज़रूरत है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार
