कोलकाता, 09 फ़रवरी (हि.स.)।

तृणमूल कांग्रेस के ‘सेनापति’ और अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बंगाल की मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया यानी एसआईआर को लेकर एक कविता लिखी है। सोमवार को अभिषेक बनर्जी ने स्वयं सोशल मीडिया पर ‘मैं अस्वीकार करता हूं’ शीर्षक से यह कविता पोस्ट की, जिसमें केंद्र सरकार के खिलाफ तीखा विरोध और मौजूदा राज्य व्यवस्था के प्रति गहरी नाराजगी झलकती है।

तृणमूल कांग्रेस की नजर में बंगाल में चल रही एसआईआर प्रक्रिया एक “ज्वलंत दस्तावेज़” की तरह है। अभिषेक बनर्जी ने अपनी कविता में इसी दृष्टिकोण को उभारने की कोशिश की है। कविता की एक पंक्ति में उन्होंने लिखा है, “150, यह कोई संख्या नहीं है, यह सरकार द्वारा लगाई गई आग में लोगों की चीख है।” पार्टी का दावा है कि बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के कारण अब तक हुई मौतों की संख्या को ही अभिषेक ने काव्यात्मक भाषा में सामने रखा है। कविता के जरिए यह आरोप भी लगाया गया है कि इस प्रक्रिया से जुड़ी मौतों का आंकड़ा डेढ़ सौ के पार पहुंच चुका है।
बंगाल में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण को लेकर शुरू हुआ विवाद लगातार गहराता जा रहा है। यह मुद्दा जितना आगे बढ़ रहा है, उतना ही राजनीतिक तापमान भी बढ़ता जा रहा है। अभिषेक बनर्जी की कविता को इसी विवाद की प्रतिध्वनि के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, भाजपा ने अभिषेक की इस कविता को नकली बता कर तंज किया है। प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता देवजीत सरकार ने तंज कसते हुए कहा, “पता नहीं कहां से यह सब कॉपी किया गया है। इतनी बातें तो राजप्रासाद से निकलने वाली नहीं लगतीं। किसने लिखकर दिया है, वही जानें। जो भी हो, किसी ने लिख दिया और उन्होंने बस पोस्ट कर दिया। चुनाव के बाद ऐसे लेखन के लिए उनके पास काफी समय होगा, लेकिन उन्हें खुद लिखने की कोशिश करनी चाहिए।”
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय
