मुंबई, 09 फरवरी (हि.स.)। राज्य में 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनावों के नतीजे घोषित हो गए हैं। इनमें एनसीपी के दोनों गुटों की स्थिति साफ कर दी है। अजित पवार गुट ने पश्चिमी महाराष्ट्र के पुणे और कोल्हापुर में दबदबा बनाया है। दूसरी ओर सांगली को छोड़कर अधिकांश जिलों में शरद पवार गुट को झटका लगा है।

जिला परिषद चुनावों में 68.28 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। चर्चा थी कि उपमुख्यमंत्री दिवंगत अजित पवार के निधन के बाद बनी हमदर्दी से एनसीपी को खासकर पश्चिमी महाराष्ट्र में ज्यादा फायदा हो सकता है। लेकिन नतीजों ने इस उम्मीद को झूठा साबित कर दिया है। 125 पंचायत समितियों में से अजित पवार गुट ने 25 जीतीं, जबकि शरद पवार गुट को सिर्फ 8 पंचायत समितियों में ही संतोष करना पड़ा। ज़िला परिषद के नतीजों में भी यही ट्रेंड देखने को मिला। 12 ज़िला परिषदों में अजित पवार के ग्रुप को कुल 172 सीटें मिलीं, जबकि शरद पवार के गुट को सिर्फ़ 21 सीटें मिलीं।
पुणे ज़िला परिषद में अजित पवार गुट ने 73 में से 39 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। इसी ज़िले में शरद पवार गुट को सिर्फ़ एक सीट से संतोष करना पड़ा। कोल्हापुर जिला परिषद में भी अजित पवार के गुट ने 68 में से 20 सीटें जीतकर सत्ता कायम की, जबकि शरद पवार गुट यहां खाता भी नहीं खोल सका।
रायगढ़, परभणी, सतारा, सोलापुर, रत्नागिरी, धाराशिव जैसे जिलों में अजित पवार गुट ने सीमित मौजूदगी दर्ज कराई, लेकिन इन सभी जगहों पर शरद पवार गुट को एक भी सीट नहीं मिली। लातूर में अजित पवार गुट को 12 सीटें और शरद पवार गुट को 1 सीट मिली। सांगली में तस्वीर अलग है, यहां शरद पवार गुट ने 18 सीटें जीतीं और अजित पवार गुट को 6 सीटों से संतोष करना पड़ा। इन नतीजों से साफ़ हो गया है कि दोनों एनसीपी के पारंपरिक गढ़ टूट रहे हैं। जिला परिषद और पंचायत समितियों में सीमित प्रदर्शन को दोनों गुटों के लिए चेतावनी की घंटी मानी जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार
