शिमला, 09 फ़रवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजीव कुमार गांधी को हिमाचल प्रदेश मिल्कफेड का प्रबंध निदेशक (एमडी) नियुक्त किया है। हाल ही में उन्हें पदोन्नत कर डीआईजी बनाया गया है और अब वे पहली बार अपने पुलिस कैडर से अलग प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालेंगे। आम तौर पर इस पद पर आईएएस या एचएएस अधिकारियों की नियुक्ति होती रही है, इसलिए इस फैसले को प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सरकार की अधिसूचना के अनुसार 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी संजीव गांधी को तत्काल प्रभाव से मिल्कफेड का एमडी बनाया गया है। इसके साथ ही मिल्कफेड का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक राजेश शर्मा (आईएफएस) को इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है।

सोलन जिले के रहने वाले संजीव गांधी को सक्रिय और तेज-तर्रार पुलिस अधिकारी के रूप में जाना जाता है। वे करीब तीन वर्षों तक शिमला के पुलिस अधीक्षक (एसपी) रहे और इस दौरान कानून-व्यवस्था मजबूत करने, अपराध नियंत्रण और नशे के खिलाफ अभियान चलाने को लेकर चर्चा में रहे। उनके कार्यकाल में कई गंभीर मामलों का खुलासा हुआ और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई।
नशे के खिलाफ कार्रवाई उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में गिनी जाती है। “ऑपरेशन क्लीन” जैसे अभियानों के तहत पुलिस ने नशा तस्करी से जुड़े कई नेटवर्क का पर्दाफाश किया और बड़ी संख्या में आरोपियों को गिरफ्तार किया। खासकर अप्पर शिमला क्षेत्र में सक्रिय गिरोहों के खिलाफ लगातार कार्रवाई से पुलिस को उल्लेखनीय सफलता मिली।
यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए शुरू किया गया “वन मिनट ट्रैफिक” प्रयोग भी उनके कार्यकाल की चर्चित पहल रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा
