
मुंबई, 10फरवरी ( हि,. स.) । ठाणे के मयूरेश कोटियन ने पक्के इरादे, कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास से स्पेशल नेशनल स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया है। 1 से 7 फरवरी तक हरियाणा में हुई नेशनल चैंपियनशिप में मयूरेश ने 100 मीटर रेस में गोल्ड मेडल जीतकर सबका ध्यान खींचा, वहीं जेवलिन थ्रो में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर अपनी ऑल-राउंड काबिलियत साबित की।

स्पेशल ओलंपिक्स इंडिया द्वारा आयोजित इस कॉम्पिटिशन में, देश भर से आए एथलीटों के बीच मयूरेश ने जो अनुशासन, धैर्य और लड़ने का जज्बा दिखाया, वह सिर्फ मेडल तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इंसानी क्षमता की असीमित ताकत का एक मजबूत संदेश भी दिया। मुश्किलों को पार करके नेशनल लेवल पर पहला स्थान हासिल करना मयूरेश के लिए पर्सनल सफलता से कई गुना बड़ी सामाजिक प्रेरणा बन गया है।

इस शानदार सफलता का राज है लगातार ट्रेनिंग, सही गाइडेंस और ऑर्गनाइज़ेशन का मज़बूत सपोर्ट। मयूरेश मधुशाला NASEOH (नेशनल सोसाइटी फॉर इक्वल अपॉर्चुनिटी फॉर द हैंडीकैप्ड) में ट्रेनिंग ले रहे हैं, और इसका काम समाज के लिए प्रेरणा साबित हो रहा है। एग्जीक्यूटिव सेक्रेटरी और डायरेक्टर जनरल योगेंद्र शेट्टी, टीचर राजेंद्र जगताप और कोच दत्ता चव्हाण ने मयूरेश की काबिलियत पर भरोसा किया और उसे निखारा। डिसिप्लिन्ड प्रैक्टिस, कॉन्फिडेंस बढ़ाने वाली गाइडेंस और लगातार कड़ी मेहनत से मयूरेश नेशनल लेवल पर चमक सका।
इस सफलता ने न सिर्फ मयूरेश के मन में, बल्कि कई खिलाड़ियों के मन में भी नई उम्मीद जगाई है। इस सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर सही मौका, गाइडेंस और सपोर्ट मिले, तो ये खिलाड़ी न सिर्फ नेशनल लेवल पर बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर भी भारत का नाम रोशन कर सकते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा
