सिरसा, 10 फ़रवरी (हि.स.)। चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा (सीडीएलयू) के प्रो. विक्रम सिंह ने कहा कि डिजिटल तकनीक के तेजी से बढ़ते उपयोग के साथ साइबर सुरक्षा आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जहां जीवन को आसान बना रहा है, वहीं इंटरनेट के दुरुपयोग से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए जागरूकता, सतर्कता और सही डिजिटल आदतें अपनाना अत्यंत आवश्यक है। प्रो. विक्रम मंगलवार को सुरक्षित इंटरनेट दिवस पर सीडीएलयू में जागरूकता कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। प्रो. विक्रम सिंह ने विद्यार्थियों से सोशल मीडिया पर सोच-समझकर जानकारी साझा करने, मजबूत पासवर्ड अपनाने और ओटीपी व बैंक संबंधी विवरण किसी के साथ साझा न करने का आह्वान किया।

जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी रमेश शर्मा ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए प्रत्येक नागरिक को डिजिटल स्वच्छता के नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने डीपफेक, फिशिंग, ऑनलाइन ठगी और फर्जी लिंक के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी सूचना या संदेश पर तुरंत प्रतिक्रिया देने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग तथा डेटा गोपनीयता के महत्व के बारे में भी जागरूक किया।

इस कार्यशाला में साइबर थाना प्रभारी श्याम सुंदर ने बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत की और एआई कॉन्टेंट के लाभ व नुकसान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला का संचालन डॉ दीपक द्वारा किया गया। कार्यशाला के दौरान पोस्टर एवं दृश्य माध्यमों के माध्यम से सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, एआई आधारित धोखाधड़ी से बचाव, सोशल मीडिया सावधानियां और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश साझा किए गए।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma
