धर्मशाला, 10 फ़रवरी (हि.स.)। सुलह के विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने भवारना, पनापर, थुरल और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में एक सामाजिक समारोह के बाद बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ गए, जिनमें कई मरीजों को सिविल अस्पताल धीरा और भवारना में भर्ती कराना पड़ा। मंगलवार को विपिन परमार ने दोनों अस्पतालों का दौरा कर मरीजों का हाल जाना। कुछ मरीजों को छुट्टी दे दी गई है, जबकि कई का इलाज अभी जारी है।

विपिन परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा हाल ही में धीरा सिविल अस्पताल का उद्घाटन किया गया, लेकिन अस्पताल में कई जरूरी सुविधाएं अभी तक पूरी नहीं हो पाई हैं। उनके अनुसार अस्पताल परिसर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) नहीं बना है, एंबुलेंस के पहुंचने के लिए रास्ता भी पूरी तरह तैयार नहीं है और करीब 20 प्रतिशत काम अभी बाकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में पर्याप्त बेड, डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की भी कमी है, जिससे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि जिस मिनी सचिवालय भवन के लिए पूर्व सरकार के दौरान लगभग 10 करोड़ 30 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे, उसका काम भी अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। भवन तक पहुंचने के लिए उचित सड़क नहीं है और कई बुनियादी सुविधाएं अधूरी पड़ी हैं। परमार ने कहा कि अधूरे भवनों का उद्घाटन करने से लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा होती है और इससे जनता का विश्वास कमजोर होता है।
विपिन परमार ने आरोप लगाया कि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत करने के बजाय सरकार केवल घोषणाएं कर रही है, जबकि जमीन पर हालात संतोषजनक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द अधूरे कार्यों को पूरा कर क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि लोगों को बेहतर उपचार सुविधा मिल सके।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया
