शिलांग, 10 फरवरी (हि.स.)। मेघालय सरकार ने ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले के मेनसनागत गांव के थांगस्कू इलाके में एक अवैध कोयला खदान में डायनामाइट धमाके के बाद आरंभ हुए राहत एवं बचाव कार्य अभियान को आज आधिकारिक रूप से बंद कर दिया गया। इस हादसे में आधिकारिक रूप से 30 मजदूरों की मौत हो गई है।

ईस्ट जयंतिया हिल्स के जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि असेसमेंट टीमों ने स्थिति का जायजा लिया है और इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि अब और ज़िंदा बचे लोगों को बचाने की कोई गुंजाइश नहीं है। यह हादसा बीते 5 फरवरी को अवैध कोयला खदान के अंदर हुआ था, जिसके कारण इलाके में तुरंत राहत अभियान की ज़रूरत पड़ी।

जिलाधिकारी ने कहा कि सोमवार की शाम करीब 5 बजे जमीनी हालात और रेस्क्यू करने वालों के लिए खतरों का आखिरी रिव्यू करने के बाद ऑपरेशन रोकने का फैसला लिया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फ़ोर्स (एनडीआरएफ), स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फ़ोर्स (एसडीआरएफ), ज़िला प्रशासन, पुलिस, फायर और इमरजेंसी सर्विस और लोकल वॉलंटियर्स की जॉइंट टीम ने किया। मलबा हटाने के लिए भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया गया। एक्सपर्ट टीमों ने खतरनाक हालात में पतली और अस्थिर माइन शाफ्ट तक पहुंचने की कोशिश की।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि छह घायल और ज़िंदा मजदूरों का अभी दक्षिण असम के सिलचर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल और राज्य की राजधानी शिलांग के नॉर्थ ईस्टर्न इंदिरा गांधी रीजनल हेल्थ एंड मेडिकल साइंसेज़ (एनईजीआरएमएस) में इलाज चल रहा है। 30 मरे हुए लोगों में से अब तक 26 की पहचान हो चुकी है। चार शवों की पहचान अभी भी पता नहीं चल पाई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय
