नई दिल्ली, 16 फरवरी (हि.स.)। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ (जेएनयूएसयू) ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के परामर्श को लागू करने और छात्रों के निष्कासन आदेशों को रद्द करने जैसे मुद्दों पर विश्वविद्यालय परिसर में रविवार रात छात्रों ने चेतावनी रैली निकाल के विरोध प्रदर्शन किया।


प्रदर्शन कर रहें छात्रों ने अपने हाथों में बड़ा पोस्टर पकड़ रखा था, जिसमें चेतावनी रैली लिखा था। इसके साथ ही छात्रों ने नारेबाजी भी की।
उल्लेखनीय है कि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने हाल के वर्षों की सबसे सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए जेएनयूएसयू अध्यक्ष अदिति मिश्रा, उपाध्यक्ष गोपिका के. बाबू, महासचिव सुनील यादव और संयुक्त सचिव दानिश अली को दो सेमेस्टर के लिए निष्कासित कर दिया था। पूर्व अध्यक्ष नीतीश कुमार पर भी कार्रवाई की गई है। प्रशासन का आरोप है कि 21 नवंबर, 2025 को डॉ. बीआर अम्बेडकर केंद्रीय पुस्तकालय में लगाए गए फेस रिकॉग्निशन आधारित एक्सेस गेट्स को नुकसान पहुंचाया गया था। इन गेट्स की स्थापना लगभग 20 लाख की लागत से की गई थी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने नीतीश कुमार पर 20,000 का जुर्माना भी लगाया है और सभी संबंधित छात्रों को तत्काल प्रभाव से पूरे परिसर से बाहर घोषित कर दिया है। छात्रसंघ ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि यह कदम यूजीसी प्रमोशन ऑफ इक्विटी रेगुलेशन, 2026 के निलंबन के खिलाफ प्रस्तावित विरोध से पहले छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश है।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी
