शिमला, 16 फ़रवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र राज्यपाल के अभिभाषण के साथ सोमवार को शिमला में शुरू हो गया। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने अभिभाषण की सिर्फ शुरू की कुछ लाइन पढ़ी। इसके बाद राज्यपाल ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अभिभाषण की आगे की लाइनों की पढ़ने की जरूरत है।

राज्यपाल ने कहा कि अभिभाषण में पैरा 3 से पैरा 16 तक संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ टिप्पणी टिप्पणियां है। यह टिप्पणियां संवैधानिक मर्यादाओं से परे है। राज्यपाल ने कहा कि इसके आगे अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियां हैं। इसके उपरांत राज्यपाल ने अपना अभिभाषण समाप्त कर दिया। राज्यपाल ने कुल 2 मिनट 45 सेकंड अपना अभिभाषण दिया। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में प्रदेश के लोगों की खुशहाली की कामना भी की।

लिखित अभिभाषण में प्रदेश सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं का उल्लेख किया गया है। इसमें बताया गया कि पिछले तीन वर्षों में राज्य के कर राजस्व में लगभग 3,300 करोड़ रुपये और गैर-कर राजस्व में 1,600 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आदर्श स्वास्थ्य संस्थान योजना शुरू की गई है। इसके तहत प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कुल 70 आदर्श स्वास्थ्य संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। वर्ष 2025 में स्वास्थ्य विभाग में 29 नए पद सृजित किए गए, 335 पदों पर नियुक्तियां हुईं और 464 कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई। इसके अलावा 707 अनुबंध कर्मचारियों को नियमित किया गया है तथा 900 असिस्टेंट स्टाफ नर्स और 500-500 रोगी मित्रों के पद भरने की प्रक्रिया जारी है।
सामाजिक कल्याण योजनाओं का जिक्र करते हुए अभिभाषण में बताया गया कि इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत 35,687 पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह की दर से कुल 7 करोड़ 42 लाख रुपये की सहायता दी गई है। मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मुख्यमंत्री शगुन योजना, इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना, राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना, मुख्यमंत्री कृषि उत्पादन संरक्षण योजना, बागवानी विकास योजना और गोपाल योजना जैसी योजनाओं को भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया गया है।
राजस्व विभाग में सीधी भर्ती के माध्यम से पटवारियों के 645 पद भरे जा रहे हैं। आपदा प्रबंधन के संदर्भ में बताया गया कि वर्ष 2025-26 के दौरान लगभग 16,488 परिवार प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित हुए। प्रदेश में 2,246 मकान पूरी तरह और 7,888 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए, जिनके पुनर्निर्माण के लिए विशेष राहत पैकेज के तहत 141 करोड़ 61 लाख रुपये की पहली किश्त जारी की जा चुकी है।
ऊर्जा क्षेत्र में निशुल्क विद्युत योजना के तहत लगभग 17 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने मुफ्त बिजली का लाभ दिया जा रहा है और उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड मीटर की सुविधा भी शुरू की गई है। वित्तीय चुनौतियों के बावजूद सरकार ने कर्मचारियों को तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया और 70 वर्ष से अधिक आयु वाले पेंशनरों को उनका लंबित एरियर जारी किया। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अर्जित ग्रेच्युटी एरियर का अतिरिक्त 50 प्रतिशत और लीव कैशमेंट का 70 प्रतिशत एरियर भी प्रदान किया गया है, जबकि दैनिक मजदूरी दरों में 6.25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा गया कि अवैध संपत्तियों के खिलाफ कठोर नीति अपनाई गई है। 1,214 व्यक्तियों की पहचान की गई, जिनकी अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की जांच की गई। इनमें से 950 संपत्तियों का सीमांकन पूरा हो चुका है, 12 को ध्वस्त और दो को सील किया गया है, जबकि शेष मामलों में कार्रवाई जारी है। वर्ष 2025 में 23 करोड़ 93 लाख रुपये की अवैध संपत्तियां जब्त की गईं और चिट्टा तस्करी में संलिप्त पाए गए 17 पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा
