दक्षिण 24 परगना, 21 फ़रवरी (हि.स.)। दक्षिण 24 परगना जिले के कैनिंग इलाके में भाजपा के दीवार लेखन को मिटाने के आरोप को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की घोषणा अब सिर्फ समय की बात मानी जा रही है। 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी होने वाली है और उसके बाद एक से डेढ़ सप्ताह के भीतर चुनाव कार्यक्रम घोषित होने की संभावना है। मार्च की शुरुआत में राज्य में केंद्रीय बलों की तैनाती भी शुरू हो सकती है। इसी बीच जिलों में दीवार लेखन का दौर तेज हो गया है और अलग-अलग राजनीतिक दलों के रंगों से दीवारें भरती जा रही हैं। इसी दीवार लेखन को लेकर कैनिंग में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

कैनिंग के दाड़िया ग्राम पंचायत क्षेत्र में विधानसभा चुनाव 2026 को सामने रखकर राजनीतिक माहौल लगातार गरम हो रहा है। आरोप है कि भाजपा द्वारा लिखे गए दीवार संदेश को रात के अंधेरे में मिटा दिया गया। इस घटना को लेकर भाजपा ने सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा है। मामले को लेकर 169 नंबर बूथ इलाके में शनिवार सुबह से ही राजनीतिक हलचल तेज देखी गई।

भाजपा का दावा है कि उनके दीवार लेखन को सुनियोजित तरीके से मिटाया गया। हालांकि तृणमूल ने आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि जिस घर की दीवार पर लिखा गया था, वहां बिना अनुमति के लेखन किया गया था और इसी वजह से घर के लोगों ने खुद दीवार साफ कर दी। वहीं घर के मालिक ने बताया कि वह उस समय घर पर मौजूद नहीं थे और किसी ने उनसे पूछे बिना दीवार पर लिख दिया था, इसलिए उन्होंने वापस आकर उसे मिटा दिया।
इस मुद्दे पर स्थानीय भाजपा नेता समीर मंडल ने आरोप लगाया कि तृणमूल कार्यकर्ताओं ने रात में उनके दीवार लेखन को मिटाया और घर के मालिक को डराया भी गया, जिसके कारण उनका बयान बदल गया। उन्होंने कहा कि इलाके के लोग मतदान के जरिए इसका जवाब देंगे।
वहीं तृणमूल के कैनिंग ब्लॉक युवा अध्यक्ष अरित्र बोस ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा ने जबरन दीवार पर चूना कर लेखन किया था, जिसके बाद घर के लोगों ने थाने में सूचना दी और फिर खुद ही दीवार साफ कर दी। उन्होंने भाजपा के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कैनिंग पश्चिम विधानसभा क्षेत्र तृणमूल का मजबूत गढ़ है और राजनीतिक जमीन कमजोर पड़ने के कारण भाजपा इस तरह के आरोप लगा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता
